09-Apr-2020 08:18

गौरव मंगला के नेतृत्व से वैशाली पुलिस की प्रतिष्ठा गौरवशाली

महज़ चंद महीनों में पुलिस की परिभाषा बदलने में बड़ी कामयाबी पाई, वर्तमान पुलिस अधीक्षक वैशाली ने।

आज शांतचित्त बैठे-बैठे मन में आया कि वैशाली पुलिस अधीक्षक की एक समीक्षा की जाए। लगभग 7 साल पहले जब मैं बिहार आया था, तब से आज तक में पुलिस की भूमिका में लगातार गिरावट की नज़र आती रही। वहीं खास कर जब हाजीपुर में लगातार हत्या, लूट, तोड़-फोड़, जमीन कब्जाने के नाम पर अनेकों परिवारों की जिंदगी बर्बाद होते देखा। वैसे समयों में भी वैशाली पुलिस अधीक्षक और उनके पुलिस पदाधिकारियों का रंग-ढंग देखा। जिला पुलिस अधीक्षक से लेकर आई. जी तिरहुत प्रमंडल तक को गैर जिम्मेदाराना ही पाया। डर और डराना एक जैसे संवैधानिक अधिकार सा बन गया था। जिस प्रकार हिंदी फिल्मों में पुलिस की भूमिका राजनेताओं की गुलामी करने या बड़े पुंजीपत्तियों के तलवे चाटने दिखाई देती थी, कमों वेश वैशाली पुलिस की भूमिका नज़र आती रही हैं।

डर और मौत के साये में लगभग 6-7 सालों से वैशाली जिले को देखा। पुलिस अधीक्षक के रूप में सुरेश कुमार चौधरी, राकेश कुमार, मानवजीत सिंह ढिल्लो, जगुनाथ रेड्डी के आतंक से वैशाली धधक रही थी। जिसे एक महामानव के रूप में कर्त्तव्ययोगी के रूप में गौरव मंगला का आगमन के साथ उसी पुलिस पदाधिकारी के साथ 100% अपराध पर लगाम लगा दिया। यह एक अद्वितीय सफ़लता कहें या कर्त्तव्ययोगी गौरव मंगला की एक कर्तव्य परायन होने का प्रतिफल कहें। इसमें से जो भी हुआ उससे वैशाली के आम आवाम़ में एक भरोसा पुलिस अधीक्षक के प्रति बना।

यह बात बहुत जरूरी नहीं है कि किसी नौकरशाह की जिम्मेदारी को बखूबी निभाने का गुणगान हो। लेकिन तब यह बहुत जरूरी हो जाता हैं जब उसी पदों पर बैठे पुलिस अधीक्षकों ने वैशाली जिले में आतंक को खुब बढ़ावा दिया। इस परिस्थिति में गौरव मंगला के नेतृत्व ने वैशाली जिले में पुलिस अधीक्षक की भूमिका पर लगे कलंक को मिटाने का काम किया। आज आम आदमी तो दूर की बात है सामान्य व्यक्ति, व्यापारी, रोज़मर्रा मजदूरों, मार्केटिंग करने वाले लोगों में भी सुरक्षा की दृष्टि बदल गई हैं। आज हर कोई अपने काम या दैनिक जीवन को सुरक्षित महसूस कर रहा है, तो उसका सारा श्रेय गौरव मंगला पुलिस अधीक्षक को जाता हैं।

अतः में यहीं कहूंगा कि वैशाली जो कि लोकतंत्र की जननी है और प्रत्येक व्यक्ति की लोकतांत्रिक अधिकारों को सुनिश्चित करने में सक्षम रहती हैं, उसकी प्रतिष्ठा बनाने में गौरवशाली परंपरा को मजबूती देकर गौरव मंगला ने संवैधानिक व्यवस्था और मानवीय मूल्यों का मान बढ़ाया। यह प्रसन्नता की बात है कि वैशाली पुलिस अधीक्षक डॉ गौरव मंगला के नेतृत्व में एक बार फिर लोकतांत्रिक तरीके से जीव जी रहा है। नेतृत्व में कितनी क्षमता होती हैं वह गौरव मंगला ने साबित किया। आज जहां पूरा विश्व महामारी से निपटने में लगा है तो वहीं वैशाली पुलिस अधीक्षक डॉ गौरव मंगला ने एक बेहतरीन नेतृत्व तैयार कर वैशाली को बिमारियों को वैशाली से दूर रखा हुआ है। आज आगे बढ़कर हमें ऐसे पुलिस अधीक्षक के प्रति अपनी जिम्मेदारियों को भी निभाने की जरूरत है। हर कोई जो दो दशक पहले शोभा आहोतर का नेतृत्व देखा था, वह आज दो दशकों बाद पुलिसिंग देख रहें हैं। एक बेहतरीन नेतृत्व को अहान न्यूज़ प्राईवेट लिमिटेड की तरफ़ से ढ़ेरों बधाई और शुभकामनाएं भी देते हैं। वहीं हर कदम ऐसे कर्त्तव्ययोगी डॉ गौरव मंगला को लेकर सकारात्मक ऊर्जा बनी रहेगी। अपने जीवन में मैं पहला पुलिस अधीक्षक (IPS) देखा जो कर्तव्यनिष्ठ हैं। धन्यवाद और शुभकामनाएं

09-Apr-2020 08:18

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