18-Apr-2020 01:13

मुसलमानों से की गई अपील, घरों में करें इबादत और इफ्तार : शहर क़ाज़ी

शासन प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग की तरफ से दी गई गाइडलाइन पर अमल करें

शहर क़ाज़ी रीवा मुफ्ती मुहम्मद मुबारक अज़हरी ने बताया कि आगामी 24 या 25 अप्रैल से रमज़ान का मुबारक महीना शुरू होने वाला है, रमज़ान का महीना बहुत ही बरकत और रहमत का महीना है, इस महीने के रोज़े मुसलमानों पर फ़र्ज़ हैं, मस्जिदों में नमाज़ और जमाअत की पाबंदी की जाती है और रात में खास नमाज़ तरावीह अदा की जाती है, जिसमें मुकम्मल क़ुरआन पढा जाता है, इस महीने में नफिल का सवाब फ़र्ज़ के बराबर और एक फ़र्ज़ का सवाब 70 फर्ज़ों के बराबर बढा दिया जाता है, लेकिन इस बार इबादतों से भरपूर रमज़ान का महीना ऐसे वक़्त में आ रहा है जब कि हमारे मुल्क भारत के साथ ही साथ पूरी दुनिया कोरोना वायरस जैसी महामारी से जूझ रही है, इस जानलेवा वायरस से बचाव के लिए हुक़ूमत ने 14 अप्रैल तक के लिए लॉकडाउन का एलान किया था, जो कि हालात को देखते हुए अब 3 मई तक के लिए बढा दिया गया है। यक़ीनन यह बहुत बडी क़ुरबानी है कि इस साल मुसलमान रमज़ान के मुबारक महीने में मस्जिदों में इबादत नही कर पाएंगें, लेकिन मुल्क़ और इंसानियत की हिफाज़त मुल्क़ में रहने वाले हर इंसान की जिम्मेदारी है, और इस मुल्क का मुसलमान मुल्क और इंसानियत की हिफाज़त की खातिर हमेशा खडा था और खडा रहेगा। लिहाज़ा हालात को मद्देनज़र रखते हुए सभी मुसलमानों से गुजारिश की जाती है कि जिस तरह अभी तक जुमे और शबे बराअत वग़ैरह में घरों में रहकर ही इबादत कर रहे थे इसी तरह रमज़ान के महीने में भी लाॅकडाउन पर अमल करते हुए घरों में ही रहकर इबादत करें।

लॉकडाउन में ऐसे पढ़ें तरावीह की नमाज, अज़हरी साहब ने कहा कि रमजान में लोग तरावीह भी जरूर पढ़ें, लेकिन मस्जिदों में जितने लोगों को बाक़ी नमाज़ों के लिए प्रशासन की तरफ से इजाज़त है उतने ही लोग मस्जिद में पंचवक़्ता नमाज़, जुमा और तरावीह पढें, तरावीह में जमाअत सुन्नते किफाया है, यानी चंद लोग अगर जमाअत से तरावीह अदा कर लें तो काफी है, बाक़ी लोग पंचवक़्ता और तरावीह की नमाज़ घरों में अदा करें, जिन घरों में हाफिज़ हों वह मुकम्मल क़ुरआन पढें, वरना जिसे जितना याद हो, या क़ुराआन की आखिरी दस सूरतें उतना पढें, और जिन्हें यह भी याद ना हो वह आम नमाज़ों की तरह कोई भी सूरह पढकर 20 रकाअत तरावीह पढ़ सकते हैं, इस बात का ख्याल रखें कि नमाज़ या इफ्तार वग़ैरह के लिए हरगिज़ किसी जगह भीड इकठ्ठी ना करें,

इस परेशानी के वक़्त में ज़रूरतमंदों का रखें ख्याल, शहर क़ाज़ी ने मुसलमानों से गुज़ारिश करते हुए कहा कि जिन्हें अल्लाह ने नवाज़ा है वह अपनी ज़कात की रक़म ज़रूर निकालें और अपने आस पड़ोस रहने वाले गरीबों, यतीमों, बेवाओं और ज़रुरतमंदों को तक़्सीम करें, ख्याल रखें ज़कात की अदायगी के लिए ज़कात कह कर देना ज़रूरी नही है। रमज़ान के महीने में जो लोग हर साल मस्जिद में इफ्तारी का इन्तजाम करते थे, वह इस साल भी करें, लेकिन उस खाने को मस्जिद में भेजने की बजाय आस पड़ोस रहने वाले ज़रुरतमंदों को कुछ रक़म या गल्ला वग़ैरह इन्तजाम करवा दें, इन हालात में जो लोग ज़रूरतमंद हैं, उनके लिए इस साल जितना हो सके सेहरी और इफ्तारी वग़ैरह का इन्तजाम कर भिजवायें और यह कोशिश करें कि रमज़ान के मुबारक महीने में आस पड़ोस का कोई भी घर सेहरी और इफ्तारी के बगैर ना रहे।

शासन प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग की तरफ से दी गई गाइडलाइन पर अमल करें। अज़हरी साहब ने लोगों से अपील की है कि शासन प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग की तरफ से बताई गई गाइडलाइन और एहतियातों पर अमल करें, घरों से बेवजह बाहर न निकलें, कही इकट्ठा जमा न हों, कोई भी ऐसा काम ना करें जिससे प्रशासन या आम इन्सान को परेशानी हो। रमज़ान के मुताल्लिक या किसी भी तरह की जानकारी के लिए ओलमाए किराम से या मुझसे राब्ता कायम करें, इस मुबारक महीने में हर लम्हा दुआ की क़ुबूलियत का वक़्त होता है, खास तौर पर इफ्तार का वक़्त। लिहाज़ा अल्लाह की बारगाह में सभी के लिए दुआ करें, कि कोरोना वायरस जैसे मुहलिक वबा से अल्लाह हमारे मुल्क के साथ ही साथ पूरी दुनिया के लोगों की हिफाज़त फरमाए, और रमज़ानुल मुबारक की बरकतों से हम सबको मालामाल फरमाए "आमीन"।

18-Apr-2020 01:13

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