05-Apr-2020 12:25

आओ मिलकर जाने बिजनेस की शुरुआत कैसे होती है : योगेंद्र यादव (कंपनी सचिव)

अपनी पूंजी के अनुसार छोटे व बड़े लेवल पर बिजनेस की शुरुआत करने के लिए इन माध्यमों का चयन किया जा सकता है

भारत सोने की चिड़िया कहा जाने वाला देश एक मिश्रित बाजार के रूप में अपार संभावनाओं के साथ उभर कर आ रहा है। भारत सरकार उद्यमी के हितों को ध्यान में रखते हुए एवं पर्यावरण को देखते हुए। अलग-अलग नीतियां एवं योजनाएं उद्यमियों के लिए बनाई हुई है । बहुत से लोग बिजनेस करना चाहते हैं लेकिन उनको यह नहीं पता होता कि बिजनेस की शुरुआत कैसे होती है। आज मैं आपको बिजनेस की शुरुआत कैसे की जाए इसके बारे में जानकारी देने जा रहा हूं। बिजनेस को शुरू करने से पहले कुछ महत्वपूर्ण पहलू को ध्यान में रखना होता है वह इस प्रकार है -1. आप किस चीज का बिजनेस करना चाहते हैं।2. कुछ बिजनेस की शुरुआत करने के लिए आपके पास कितनी पूंजी है।3. बिजनेस कहां करना चाहते हैं उस स्थान को चुने।4. बिजनेस स्वयं करना चाहते हैं या किसी और व्यक्ति के साथ में मिलकर करना चाहते हैं ।5. उस व्यवसाय के बारे में आपके पास कितनी जानकारी है इस पर भी विचार करें।6.इन सब बातों पर विचार करने के बाद आप व्यवसाय अथवा अपने कारोबार का पंजीकरण करवाएं। भारत में व्यवसाय का रजिस्ट्रेशन भी कई स्वरूपों में होता है जो ऊपर बताई गई बातों पर विचार करने के बाद चुनना चाहिए कि हमारे लिए किस स्वरूप में रजिस्ट्रेशन करवाएं जो फायदेमंद हो ।

आइए जानते हैं व्यवसाय का स्वरूप अथवा प्रकार :- प्रोपराइटरशिप:- सोल प्रोपराइटरशिप एक बिजनेस का माध्यम है जिसके द्वारा एक व्यक्ति बिजनेस की शुरुआत कर सकता है। वह व्यक्ति उस व्यवसाय का मालिक होता है और वह सभी लाभ प्राप्त करने एवं हानी उठाने के लिए उत्तरदाई होता है। भारत में कोई अलग से कानून इस माध्यम को चलाने के लिए नहीं बनाया गया है। प्रोपराइटरशिप का रजिस्ट्रेशन कराना भारत में काफी आसान है। यदि आपके पास पूंजी कम है और आप छोटे लेबल पर व्यवसाय की शुरुआत करना चाहते हैं और अकेले करना चाहते हैं तो आप इस माध्यम का चयन कर सकते है।

पार्टनरशिप फर्म:- जब दो या दो से अधिक व्यक्ति किसी भी व्यवसाय की शुरुआत साथ साथ करना चाहते हैं और उसके लाभ और हानि को भी शेयर करना चाहते हैं तो पार्टनरशिप की फॉर्म में व्यवसाय की शुरुआत कर सकते हैं।

प्राइवेट लिमिटेड कंपनी:- भारत में सबसे प्रचलित और सबसे सुगम व्यवसाय की शुरुआत करने का माध्यम प्राइवेट लिमिटेड कंपनी है। प्राइवेट लिमिटेड कंपनी के फार्म में बिजनेस की शुरुआत करने के लिए कम से कम दो। 2 डायरेक्टर एवं 2 शेयर होल्डर की जरूरत होती है। प्राइवेट लिमिटेड कंपनी को आर्टिफिशियल व्यक्ति भी कहा जाता है। इसका अस्तित्व शेयर होल्डर और डायरेक्टर से अलग होता है यह कानून के द्वारा जन्म लेती है और कानून के द्वारा ही इसका समापन होता है। प्राइवेट लिमिटेड कंपनी का रजिस्ट्रेशन कराने के लिए इन बातों का ध्यान रखना चाहिए।1. कंपनी का नाम क्या होगा2. दो शेयर होल्डर होने चाहिए 3. कम से कम दो डायरेक्टर होने चाहिए4.कंपनी का रजिस्टर्ड ऑफिस कहां होगा 5.कंपनी मैं पूंजी का निवेश कितना होगाइन सब बातों को ध्यान में रखते हुए प्राइवेट लिमिटेड कंपनी के रूप में व्यवसाय की शुरुआत करनी चाहिए। जिसका रजिस्ट्रेशन मिनिस्ट्री आफ कॉरपोरेट अफेयर्स के अंतर्गत रजिस्ट्रार ऑफ कंपनीज के द्वारा किया जाता है। इसके अतिरिक्त पब्लिक लिमिटेड कंपनी, लिमिटेड लायबिलिटी पार्टनरशिप फर्म, ऑपरेटिव सोसाइटी, हिंदू अनडिवाईडेड फैमिली, वन पर्सन कंपनी, प्रोजेक्ट ऑफिस, लाइजन ऑफिस, ब्रांच ऑफिस के स्वरूप में भी बिजनेस की शुरुआत की जा सकती है।

05-Apr-2020 12:25

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