मास्क पहनने के सही तरीके के बारे में जागरूकता बढ़ाने के लिए मधुरेन्द्र ने बनायी कलाकृति, पर्यटकों ने भी कोविड-19 नियमों का पालन करने की शपथ ली ।





ओड़िसा के चंद्रभागा तट पर पर्यटकों को जागरूक कर रही हैं मधुरेन्द्र की कलाकृतियां मोतिहारी/कोणार्क : अंतराष्ट्रीय रेत कला उत्सव के अंतिम दिन शनिवार को बिहार के पूर्वी चंपारण जिले के घोड़ासहन बिजबनी गांव निवासी विश्वविख्यात युवा सैंड आर्टिस्ट प्रख्यात सैंड आर्टिस्ट मधुरेन्द्र ने मास्क पहनने के सही तरीके के बारे में जागरूकता बढ़ाने के लिए ने ओडिशा के चन्द्रभागा समुन्द्र तट पर एक रेतकला बनायीं।



मधुरेन्द्र ने दुनिया भर में कोविड-19 जैसे जानलेवा बीमारी से मरने वाले लोगों के लिए काफी दुखी हैं। इन्होंने कोणार्क फेस्टिवल के पाचवें दिन दुनियां भर के पर्यटकों से जीवन रक्षा के लिए फेस मास्क को सही ढंग से पहनने के लिए अपील किया।






कोरोना महामारी से बचने के लिए बालू पर आकृति उकेर कर लोगों से कोविड-19 के इस नियमो को पालन करने का भी अपील किया है। बता दें कि इसके पूर्व भी गुरुवार को रेत कलाकार मधुरेन्द्र ने बालू पर "6 फिट की दूरी, मास्क हैं जरूरी" लिख कर मास्क पहनने, समय से अपने हाथों को सेनेटाइज करने व 6 फिट की दूरी पर रहने का संदेश लोगों को दिया था। ताकि इस महामारी से इंसानों के जीवन की रक्षा हो सके।






मौके पर उपस्थित विभागीय कई वरीय अधिकारियों व अन्य राज्यों के सैकड़ों पर्यटकों समेत स्थानीय आमजनों ने भी बिहार के कलाकार मधुरेन्द्र की कलाकृति की सराहना करते कोविड-19 नियमों का पालन करने की शपथ ली।

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