गुलामी से आजादी और सुदृढ़ भारत बनाने में कामयाब रहे महाशय धर्मपाल गुलाटी ।





कौन था वह जो सपनों का भारत बनाने में अपनी पुरी जिंदगी दे दी। आखिर किस सोच़ के साथ वह भारत की उन्नति का रास्ता स्वयं बनाया। एक साधारण व्यक्ति और परिवार में जन्म लेने के बाद भी वह अपने चेहरे के साथ उद्योग जगत में एक मिशाल कायम कर दिया। आखिर गुलाम भारत में जन्म लेकर भी एक अमिट छाप छोड़ गया वह। भारत के बंटवारे का दंश झेल वह सितारा बनकर निकला। भारतीय संस्कृति, संस्कार, परम्परा और आधुनिकता के साथ मिलकर भारत की एक नई पहचान बना। वाकई महाशय धर्मपाल गुलाटी ने भारतीय सभ्यता और संस्कृति के साथ उद्योग जगत को अपार संभावनाएं दी।



मशाला किंग रहे खुद अपने कंपनी का ब्रांड एंबेसडर। उद्योग क्षेत्र में अपनी भूमिका को लेकर बहुत ही स्पष्ट रहने वाले महाशय धर्मपाल गुलाटी ने खुद के चेहरे पर एक मिशाल कायम कर दिया। अपने जीवन के हर क्षण को भारतीयता से जोड़ कर, एक क्षेत्र में असीमित अवसर उपलब्ध कराने में सफलता पाई। आज वो हमारे बीच नहीं रहे परंतु स्वयं की इच्छाशक्ति के बल पर व्यापार की परिभाषा बनाने वाले का इतिहास में नाम दर्ज हो गया। नये उद्यमियों को महाशय धर्मपाल गुलाटी के जीवनकाल में ही पुरे उद्योग को स्थापित करने की कला मौजूद नज़र आयेगी। संघर्षों से सफलता तक का बेहतरीन सफ़र शायद ही ऐसा किसी का हो, जो गुलामी से आजादी की ओर आकर बेमिसाल हो गए।






महाशय धर्मपाल गुलाटी ने हमेशा माना कि मुझसे बेहतर कौन बताएगा कि मेरी कंपनी का समान कैसा है। इसलिए अपनी जिम्मेदारियों को निभाने में हमेशा आगे आकर निभाई और सादा जीवन उच्च विचार के सिद्धांतों को लेकर आगे बढ़ते रहे। जीवन एक महान उपलब्धियों के लिए मिला है और उस जीवन को खुशहाल और समृद्ध बनाने की जिम्मेदारी भी हमारी ही होगी। इसलिए तो महाशय धर्मपाल गुलाटी कहते रहे कि हमारा काम ही हमारी भूमिका और कहानी लिखेगा। मसाला क्षेत्र में MDH पुरी दुनिया में एक अपनी पहचान महाशय धर्मपाल गुलाटी के चेहरे से जाना जाता हैं।






सफ़र इधर-उधर से उधर हो सकता है पर सफलता का सफ़र हमेशा आत्मविश्वास और आत्मनिर्भरता से ही हासिल कर पाते हैं। लगातार लगभग 8 दशकों तक देश की सेवा करने वाले महाशय धर्मपाल गुलाटी ने अपनी व्यक्तिगत जीवन को भी भारत के युवाओं और उद्यमियों के लिए पुस्तक के रूप में छोड़ गए। यह सफ़र जो महाशय धर्मपाल गुलाटी जी का रहा उसमें 8 दशकों के हर उस व्यक्ति के जीवन पर MDH मशाला का छाप पड़ा रहेगा। एक महान देशभक्त और महान उद्यमी के रूप में सदैव याद किए जाएंगे। ऐसे राष्ट्रभक्त को हारा सहृदयता से नमन। यह मेरा ब्रांड हैं, मुझसे ज्यादा इसके बारे में कौन बताएगा : महाशय धर्मपाल गुलाटी |