14-Aug-2019 05:35

राज्यपाल श्री केशरी नाथ त्रिपाठी वेस्ट बंगाल की अध्यक्षता में शतार्धिक मनीषी साहित्य सम्मान समारोह आ

हाल में आयोजित कार्यक्रम में पश्चिम बंगाल के राज्यपाल माननीय केदारनाथ त्रिपाठी की अध्यक्षता में शतार्धिक मनीषी साहित्य सम्मान समारोह आयोजित किया। जिसमें देश के प्रमुख व्यक्तित्व को अपने अपने क्षेत्रों में अतुलनीय योगदान के लिए सम्मानित किया गया।

डॉ बीना बुदकी सचिव हिंदी कश्मीरी संगम ने राज्यपाल श्री केशरी नाथ त्रिपाठी वेस्ट बंगाल की अध्यक्षता में शतार्धिक मनीषी साहित्य सम्मान समारोह आयोजित किया | भारत के हर प्रान्त से साहित्यकारों ने आकर भाग लिया शतार्धिक मनीषी साहित्य सम्मान के पश्चात् राष्ट्रीय संगोष्ठी का भी आयोजन किया गया, महामहिम राजपाल ने दीप जला कर के कार्यक्रम का आरंभ किया, बीना बुदकी ने शारदा माँ की स्तुति की | उन्होने संस्था की रिपोर्ट को प्रसतुत किया| तीन महिलाओं को पुरष्कृत किया गया | जिसमे अमृता चतुर्वेदी को रुपया 11000 की राशी माँ बचाओ- परिवार बचाओ के लिए पुरष्कृत की गई|

शतार्धिक मनीषी साहित्य सम्मान में आशा परमेश राजमाता प्रतिष्ठान की आधय्क्षा डॉ. कुशुम खेमानी – कोलकाता, स्वामी भागीषित – बरोडा, श्री अनिल सुलभ – पटना, जस्मीन शुल्ताना – जोरहट,सामलाल – चंडीगढ़, स्वामी राघवानंद – दिल्ली, हर्ष पटेल – बॉम्बे, दिनेश - बरोडा, आशा रानी – जबलपुर, बिना शर्मा- भोपाल, उमा शंकर मनमौजी – भोपाल, डॉ अंजना राठोर – छिन्दवारा,कमाना – कोलकाता, दिवेंद्र कौर – पंजाब, अंजलि पटेल-काठमांडू, सुनीता मजुमदार – देवघर, दीपक लाल्खेर – जबलपुर, शिव कुमार – गाज़ियाबाद, अवतार कृषण- साहिबवाद आदि 101 साहित्कारो को सम्मानित किया गया।

कोलकाता की विशिष्ट साहित्कारो को जिसमे सुनीता अलुवालिया, विमला फोदर, डॉ. मुन्नी और ममता पाण्डेय, मनीष जी, प्रभाकर जी, निर्भय दिव्यांश, जरीना जरी, नरेन्द्र सिंह, कविता आरोरा, प्रवीण जी और भी अनेक साहित्कारो को सम्मानित किया गया।

राजपाल केशी नाथ त्रिपाठी ने हिंदी कश्मीरी संगम को बधाई दी, और माँ के महत्त्व को भी दर्शाया| हिंदी के प्रचार प्रसार और माँ बचाओ- परिवार बचाओ के लिए बधाई दी. माँ जो है वो संस्कृति को बचाती है जैसे : छठ पूजा, भैया- दुज,दिवाली पर माँ बच्चो को जोरती है, छोटे छोटे त्यौहार पर परिवार की संस्कृति को बनाए रखती है। उन्होने रविन्द्र नाथ टैगोर की गीतांजलि रचना को भारतीय संस्कृति का प्रतिक बताया, पुरे भारत में विभिन भाषा है, जो हर लोगो को हर भाषा का सामान करना चाहिए|

14-Aug-2019 05:35

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