25-Apr-2018 04:07

कफन में भी पॉकेट तलाशते फिरते हैं

निजी नर्सिंग होम संचालक तो तरह-तरह से प्राइवेट स्कूल के संचालक करते हैं अभिभावकों को

वैशाली:- विद्यालय तथा निजी नर्सिंग होम संचालकों की मनमानी चरम पर है। निजी विद्यालय संचालकों द्वारा जहां प्रत्येक वर्ष री-एडमिशन, कॉपी-किताब तथा ड्रेस के नाम पर अभिभावकों का शोषण किया जाता है वहीं निजी नर्सिंग होम संचालकों द्वारा कफन में भी पॉकेट की तलाश करते हुए मरीजों की जिंदगी से खिलवाड़ किया जाता है।निजी विद्यालय और नर्सिंग होम समाज के लिए कैंसर से भी ज्यादा खतरनाक होते जा रहा है।निजी विद्यालय के संचालकों द्वारा प्रतिवर्ष सरकारी नियमावली को ताक पर रखकर री-एडमिशन के नाम पर अभिभावकों का शोषण किया जा रहा है।प्रतिवर्ष ड्रेस और किताब बदलकर खास दुकानदारों के दुकान से खरीदवाया जा रहा है। जिले में रोज नए-नए नर्सिंग होम खुल रहें हैं,जहां न तो चिकित्सक की व्यवस्था है और न ही चिकित्सा संबंधी मशीन की ही उपलब्धता है। ऐसी स्थिति में दलालों द्वारा मरीज को बहला फुसला कर खुलेआम शोषण किया जा रहा है और स्वास्थ्य विभाग उदासीन बैठा हुआ है। जिले में सैकड़ों निजी विद्यालय और निजी नर्सिंग होम फर्जी हैं। जिला पदाधिकारी इस मामले को गंभीरता से लें और फर्जी प्राईवेट स्कूल और नर्सिंग होम संचालक के खिलाफ सख्त कार्रवाई करें। ताकी आम आदमी को तबाह होना ना परे ।

25-Apr-2018 04:07

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