30-Mar-2020 09:05

समाजहित और मानवता के लिए हमेशा तत्पर डॉ शाही जी का एक छोटा सा अंशदान और प्रयास !

भीमराव अंबेडकर विश्वविद्यालय मुजफ्फरपुर में सिंडिकेट मेम्बर भी पत्नी बढैया स्टेट की बेटी मंजू शाही जी जो महिला कॉलेज बेतिया में प्रोफेसर रह चुकी है

ये कोई सरकारी खजाने या सरकार के वेतन नही बल्कि अपने अथक परिश्रम से एकत्रित की गई रकम की हिस्सा है। आज उत्तर बिहार के प्रख्यात चिकित्सक डॉ एन एन शाही जी(प्रदेश उपाध्यक्ष सह राष्ट्रीय परिषद सदस्य जदयू, सिंडिकेट मेम्बर बी आर अम्बेडकर यूनिवर्सिटी मुजफ्फरपुर) जी और उनके धर्मपत्नी पूर्व प्रोफेसर मंजू शाही जी के द्वारा ₹ 200000(दो लाख) मुख्यमंत्री राहत कोष में कोरोना पीड़ितों के सहायता यानी मास्क सेनेटाइजर के साथ गरीबो के अनाज खाना आदि पर खर्च हेतु दिया गया, ये जानकारी डॉ शाही के सोशल मीडिया प्रभारी गोल्डेन कुमार पांडेय ने दी। चनायनबान्ध स्टेट के वारिस उत्तर बिहार के मशहूर फिजिशियन और हार्ट स्पेशलिस्ट चिकित्सक डॉ एन एन शाही जिन्होंने पढ़ाई में MBBS नालन्दा मेडिकल कॉलेज के साथ पटना PMCH से DTCD, FIAMS की कोर्स किया)।फिर1980 से 1983 तक लौरिया पीएचसी में कार्य किया। उसके बाद जिला मुख्यालय स्थित महारानी जानकी कुँवर मेडिकल कॉलेज और हॉस्पिटल में 1983 से 88 तक कार्यरत रहे। फिर 1988 से 1990 तक छपरा मेडिकल हॉस्पिटल में सेवा दी, 1 फवरी 1990 को सेवा से त्यागपत्र देकर राजनीति में सक्रिय हुए। बेतिया मझौलिया विधानसभा से 2 बार निर्दलीय चुनाव लड़ा और 1 हजार से कम अंतर से पराजय मिली फिर 1994 में समता पार्टी के स्थापना में शामिल होकर पार्टीहित में लगातार काम किया और संगठन को मजबूती प्रदान किया।

जब जनता दल यू की गठन हुई तो लगातार 2 बार 7 साल तक जिला के अध्यक्ष रहे, पिछले चुनाव में जनता दल यू से चनपटिया विधानसभा से चुनाव लड़ा औऱ महज 200 से कम अंतर से चुनाव हारे वर्तमान में प्रदेश उपाध्यक्ष सह राष्ट्रीय परिषद सदस्य है। जदयू में साथ ही भीमराव अंबेडकर विश्वविद्यालय मुजफ्फरपुर में सिंडिकेट मेम्बर भी पत्नी बढैया स्टेट की बेटी मंजू शाही जी जो महिला कॉलेज बेतिया में प्रोफेसर रह चुकी है। साथ ही कुशल समाजसेवी भी है, इन दोनों के अलावा चार बेतिया है। जो नारी शक्ति की जीती जागती मिशाल है।

साथ ही बेटों के तरह बेटियों को पालने और बड़ा बनाने की प्रेरणास्रोत भी सबसे बड़ी बेटी स्मिता शाही जो थल सेना में कर्नल पद से सेवानिवृत्त हुई है मणिपुर लांस में सेकेंड इंचार्ज से, दूसरी बेटी पल्लवी शाही जो मैनेजमेंट करके शिक्षा के क्षेत्र में कार्यरत ADUCOMP में सेवा दे चुकी है, तीसरी बेटी प्रियंका शाही (नालन्दा मेडिकल कॉलेज से MBBS के बाद मुंबई से D G O और D N B कर चंपारण के कई पीएचसी में सेवा देने के बाद वर्तमान में मेडिकल ऑफिसर PMCH पटना में कार्यरत है)। साथ ही सबसे छोटी बेटी अमृता शाही दिल्ली यूनिवर्सिटी से लॉ करने बाद लंदन यूनिवर्सिटी से मास्टर ऑफ लॉ करके कनाडा में सपरिवार सेटल है ।

डॉ शाही प्रखर वक्ता के साथ दृढसंकल्पित समाजसेवी है। जिनकी ईमानदारी और अनुशासन पहली प्राथमिकता हमेशा रही है। साथ ही साथ चंपारण के सबसे बड़े ब्रम्हर्षि चेहरे के साथ मुख्यमंत्री के सबसे करीबी में से एक माने जाते है। हाल फिलहाल में बाल्मीकिनगर सीट खाली हो जाने से उपचुनाव में जदयू के सबसे मजबूत और प्रबल चेहरे के रूप में इनकी चर्चा जोरों पर है, उक्त जानकारी इनके सोशल मीडिया इंचार्ज गोल्डेन कुमार पांडेय ने दी।

30-Mar-2020 09:05

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