04-Dec-2019 08:37

सात सूत्रीय मांगों में छः को स्वीकार कर सातवें पर पांच सदस्यीय टीम संग वार्ता का मिला आश्वासन

डा.प्रेम त्रिपाठी व समाजसेवी सुदामाजी के नेतृत्व में जिलाधिकारी से मिले ग्रामीण स्वास्थ्य सेवक

जनपद के ग्रामीण क्षेत्रों में प्राथमिक चिकित्सा का कार्य कर रहे चिकित्सकों का उत्पीड़न रोक उन्हे प्रशिक्षित करने व सरकारी की भांति निशुल्क दवा व अन्य सुवधा उपलब्ध कराने सहित सात सूत्रीय मांगों को लेकर आज सैकड़ों की संख्या में ग्रामीण स्वास्थ्य सेवक राष्ट्रीय अध्यक्ष डा.प्रेम त्रिपाठी व समाजसेवी चन्द्रमणि पाण्डेय सुदामाजी के नेतृत्व में जिलाधिकारी बस्ती से मिलकर सात सूत्रीय ग्यापन सौंपते हुए, कहा कि मेडिकल एक्ट में प्राथमिक चिकित्सा हेतु रजिस्ट्रेशन की बाध्यता नहीं है।

ऐसे में रजिस्ट्रेशन के नाम पर ग्रामीण चिकित्सकों का नैतिकता के आधार पर.उत्पीड़न ठीक नहीं है। जिलाधिकारी ने कहा कि कार्यवाही नियमानुसार चल रही है। अनुभव नहीं प्रशिक्षण के आधार पर ही छूट मिलेगा। समाज सेवी सुदामाजी ने कहा कि जूनियर की कक्षाओं से ध केवल प्राथमिक चिकित्सा की जानकारी दी जाती है। अपितु प्राथमिक स्कूल के शिक्षक से दवा वितरण कराया जाता अल्प प्रशिक्षण पर आशाबहुओं से प्रसव में सहयोग लिया जाता है।

तो अनुभव व जानकारी के आधार पर प्राथमिक चिकित्सा क्यों नही इतना ही नहीं, सरकार लेखपालों को प्राथमिक चिकित्सा का प्रशिक्षण देने जा रही है। तो ये प्रशिक्षण ग्रामीण स्वास्थ्य सेवकों को क्यों नहीं जिलाधिकारी ने कहा कि प्राथमिक चिकत्सा व प्रशिक्षण सहित छःमांगें जो न्यायोचित हैं ।

उन्हे हम शासन को भी अग्रेसित कर देंगें पर सातवीं मांग उचित नहीं है। फिर भी आप पांच सदस्यीय टीम गठित कर लें ।हम व्यापक स्तर पर वार्ता कर आवश्यक कदम उठायेंगें । अपनी अधिकांश मांगों के माने जाने पर ग्रामीण चिकित्सकों ने प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा कि हम आगे भी संगठन के साथ कदम से कदम मिलाकर अपने अधिकारों हेतु न्यायिक लडाई लडते रहेगें।

04-Dec-2019 08:37

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