24-Dec-2019 09:54

लोकसभा चुनाव में अच्छा प्रदर्शन करने के बाद बीजेपी की हार क्या संकेत दे रहा है ?

राज्य में बीजेपी को जितने वोट मिले थे को आधार बनाया जाय तो झारखंड में पार्टी को साठ से ज्यादा सीटें मिलती

झारखंड आज नई करवट ले रहा है. बीजेपी की सफलता के अश्वमेघ का घोड़ा यहां आकर यकायक ठिठक गया है. लोकसभा चुनाव के दौरान राज्य में बीजेपी को जितने वोट मिले थे को आधार बनाया जाय तो झारखंड में पार्टी को साठ से ज्यादा सीटें मिलती. उसी बीजेपी को आखिर हुआ क्या, कैसे एक जोरदार पार्टी मई की गगनभेदी जीत के बाद यहां पाताल में आ गिरी, आखिर कहां चूक हुई है ? हमारे एक साथी ने सवाल उछाल दिया ,

इसपर दूसरा साथी बोला , हर बार राष्ट्रीय मुद्दों पर विधानसभा चुनाव नहीं लड़ा जा सकता है . स्थानीय मुद्दे , विधानसभा चुनाव में वोटों पर अधिक प्रभाव डालते हैं . अब तीसरा साथी बोला , लेकिन भाजपा ने पिछले अनेक चुनाव , हिंदु बनाम मुसलमान , राष्ट्रवाद बनाम पाकिस्तान जैसे मुद्दों को आगे कर के लड़ा और विजयश्री प्राप्त की . इस बार भी सीएए का मुद्दा , अनेक मीडिया वालों को बीजेपी की नैय्या पार करवाने वाला लगता था परंतु ऐसा नहीं हो सका.

अब मैं भी बोल पड़ा, पिछली बार विधानसभा चुनाव में जो फार्मूला लगाकार बीजेपी ने हरियाणा, झारखंड, महाराष्ट्र को जीता था, अब वही स्ट्रेटजी उनकी मुसीबत बनती जा रही है. असल में बीजेपी ने नए राज्यों में अपनी पहुंच बनाने के लिए नए राजनीतिक ध्रुव बनाने की कोशिश की थी जो अब काम नहीं आ रही है . बीजेपी ने अधिकतर राज्यों में अपना आधार वहां मौजूद प्रमुख और प्रभावी जातिगत या क्षेत्रीय समूहों के इतर बनाया था . हरियाणा में गैर जाट , महाराष्ट्र में गैर मराठा व झारखंड में गैर आदिवासी नेतृत्व को बागडोर दी थी . परिवर्तन के तौर पर वह राजनीति चली परंतु इस बार फ्लॉप हो गई

अब पत्रकार माधो बोले ,राजनीति में समय समय पर रणनीति बदलाना स्वाभाविक होता है और वह सही साबित भी होती है परंतु इस बार बीजेपी का अपने साथियों को छोड़कर चलना बेहद हानिकारक रहा . झारखंड में भी अपने पुराने साथियों को छोड़ने के अलावा महाराष्ट्र का राजनैतिक परिदृष्य भी भाजपा के लिये नुकसानप्रद रहा . भाजपा की केंद्र सरकार को उनके गृह मंत्री बनने से फायदा हुआ पर ऐसा लगता है कि सबसे ज़्यादा नुकसान , भाजपा के संगठन से अमित शाह के हट जाने से हुआ क्योंकि वे बूथ स्तर तक की रणनीति का परिपालन करवाते थे .

24-Dec-2019 09:54

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