29-Jul-2019 10:40

रेफरल हॉस्पिटल भवन, राघोपुर दलालों का अड्डा : अजीत

*राघोपुर के रेफरल हॉस्पिटल भवन तक ही सीमित रह गई ना कोई डॉक्टर ना कोई इलाज सिर्फ है दलालों का अड्डा*

वैशाली जिले के राघोपुर प्रखंड के रेफरल हॉस्पिटल जो कि अभी वर्तमान में मोहनपुर पंचायत में स्थित है। यह भवन तो दिखने में बहुत बड़ा है। लेकिन यहां तक यह भवन तक ही सीमित है। रेफरल अस्पताल मोहनपुर के प्रभारी कागजातों पर ही डॉक्टर के अटेंडेंस बनाते हैं और कागज पर ही रेफरल अस्पताल को ही चलाते हैं। यहां तक की एंबुलेंस जो चलता है, यदि कोई इमरजेंसी पेसेंट हो तो उनसे पैसा लिया जाता है। यही है राघोपुर के रेफरल हॉस्पिटल का बेहतर सुविधा बच्चे के जन्म के बाद सरकार के द्वारा जो 1400 चौदह सौ रुपया दिया जाता है। उनमें से भी प्रभारी के दलालों के द्वारा ₹200 दो सौ रुपये प्रत्येक महिला से फिक्स कर दिया गया है। यहां तक कि राघोपुर के अंदर किसी भी महिला की डिलीवरी हो या किसी इमरजेंसी पेसेंट को भेजना हो तो ₹500 पाच सौ रूपये फिक्स कर दिया गया है। लोग अपने जान की सुरक्षा की चक्कर में पैसा ना देख कर तुरंत पैसा दे देते हैं। यहां की विधि व्यवस्था बहुत ही बदतर है। राघोपुर के लोगों ने एक से एक नेता बनाने का काम किया। लेकिन जितने भी विधायक एवं सांसद बने राघोपुर की भोली-भाली जनता को सिर्फ ठेंगा दिखाने का काम किए भवन तक ही सफलता मिला।

यहां की राघोपुर के लोग कई बड़े-बड़े नेताओं पर आसन टिकाए हुए रहते हैं कि आखिर कोई तो हो, जो इस राघोपुर के रेफरल हॉस्पिटल को सुधार सके विधानसभा में जाकर प्रश्न को उठा सके। राघोपुर की भोली-भाली जनता को नेताओं ने सिर्फ राघोपुर की महान जनता को सिर्फ ताली बजाने तक ही समझता है। जहां तक की विकास की बात आता है। तो अपनी लंबी लंबी बस भाषण तक ही उनकी बातें सिमट कर रह जाता। रेफरल अस्पताल मोहनपुर के प्रभारी तो राघोपुर में कभी आती भी नहीं है। जब किसी तरह का मीटिंग होता है। तब आना जाना होता बाकी दिन कभी नहीं ग्रामीणों लोगों का कहना है कि कई बार हम लोग लिखित शिकायत सिविल सर्जन से किए पर कोई फायदा नहीं हुआ। यहां तक कि बिहार सरकार स्वास्थ्य मंत्री मंगल पांडे को भी लिखित आवेदन पत्र दिया गया, पर कोई फायदा नहीं हुआ लोगों को तो अब भरोसा टूट चुका है।

स्वास्थ्य मंत्री, सिविल सर्जन, और जिला पदाधिकारी वैशाली से स्थानीय विधायक राघोपुर विधानसभा क्षेत्र के श्री तेजस्वी यादव से इस समस्या से संबंधित राघोपुर के लोगों ने कई बार मुलाकात कर अवगत कराया पर कोई रिस्पांस उनके द्वारा भी नहीं लिया गया। यहां के लोगों ने 1990 से उनके परिवार को मौका देने का काम किया। यहां तक कि बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री श्री लालू यादव पूर्व मुख्यमंत्री श्री राबडी देवी जैसे नेताओं को मुख्यमंत्री का बनाने का काम किया उसके बाद भी आजादी के बाद अभी तक देखा जाए तो राघोपुर में स्वास्थ्य से संबंधित कोई भी राघोपुर में सुविधा उपलब्ध नहीं है। लोग तो काफी निराश हैं। आज भी यहां के लोगों को महसूस होता है कि 19 वी सदी में हम लोग जी रहे हैं।

यदि रात्रि में कोई इमरजेंसी पड़ जाए तो लोगों को जीना मुश्किल हो जाएगा, क्योंकि गंगा नदी नाव से पार करके जाना होता है। यहां के लोगों को काफी कष्ट से जूझना पडता है। इस पर सरकार को भी कोई सूझबूझ नहीं है। यहां के वर्तमान सांसद केंद्रीय मंत्री रामविलास पासवान है। वह तो राघोपुर को स्वास्थ्य से संबंधित जन समस्या को कभी देखी ही नहीं चुनाव के वक्त जो आते हैं, दिखाई भी नहीं देते हैं। राघोपुर के लोग इस बार काफी आक्रोश में है।

29-Jul-2019 10:40

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