13-Feb-2018 09:06

रामविलास पासवान और उनके सांसद आदर्श ग्राम योजना।

सांसद आदर्श ग्राम योजना की शुरुआत और वर्तमान स्थिति और चुप प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ????

प्रधानमंत्री आदर्श ग्राम पंचायत योजना एक बहुत बेहतरीन सोच़ और सिद्धांतों पर खड़ा किया गया योजना। लेकिन चोरी और धोखेबाजी से शब्दों के खेल में माहिर वर्तमान भारत के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने दूसरे की सोच़ को सुनकर बिना विचारें ही जुमलेबाजी कर दी। असंख्य भक्तों द्वारा गुणगान करते हुए प्रधानमंत्री आदर्श ग्राम पंचायत योजना को आम जन तक पहुँचाने का बहुत प्रयास किया। लेकिन योजना ही जब जुमला हो तो धरातल पर तनाव, अराजकता, समाजवाद और सम्राज्यवाद ही उतरा। जिसे उतरना था वहाँ की सड़कों के किनारे गंढ़ो में हिचकोले खाते आज भी देखा जा सकता है। चलिए अब हम मुद्दे पर चर्चा करते हुए आगे बढ़ते हैं। सभी को याद ही होगा कि भारत के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने 11 अक्टूबर 2014 को एक महत्वाकांक्षी ग्राम विकास परियोजना सांसद आदर्श ग्राम योजना (एसएजीवाई) आरम्भ की, जिसके तहत प्रत्येक सांसद 2019 तक तीन गांवों में बुनियादी एवं संस्थागत ढांचा विकसित करने की जिम्मेदारी उठाएंगे। इसके तहत मार्च 2019 तक तीन आदर्श गांवों को विकसित करने का लक्ष्य है, जिनमें से एक आदर्श गांव को 2016 तक विकसित किया जाना है। इसके बाद पांच ऐसे आदर्श गांवों (प्रत्येक वर्ष एक गांव)  इस परियोजना का उद्देश्‍य गांवों में रहने वाले लोगों को उन्‍नत बुनियादी सुविधाएं और बेहतर अवसर उपलब्ध कराना है। इस योजना के तहत राष्‍ट्रीय गौरव, देशभक्‍ति, सामुदायिक भावना एवं आत्‍मविश्‍वास के मूल्‍यों को अपनाने और आवश्‍यक ढांचा विकसित करने पर भी समान जोर दिया गया है।  इस योजना में समग्र विकास का दृष्‍टिकोण अपनाया गया है। इसके तहत चयनित गांवों में कृषि, स्‍वास्‍थ्‍य, स्वच्छता, आजीविका, पर्यावरण, शिक्षा इत्‍यादि क्षेत्रों का एकीकृत विकास किया जाएगा। एसएजीवाई  के तहत न केवल ढांचागत विकास पर ध्‍यान दिया जाएगा, बल्‍कि गांवों में रहने वाले लोगों को कुछ विशिष्ट मूल्‍यों को अपने जीवन में अपनाने के लिए भी प्रेरित किया जाएगा, ताकि वे अन्‍य लोगों के लिए आदर्श साबित हो सकें। जन भागीदारी, अंत्योदय, महिलाओं के साथ समानता का भाव, महिलाओं का सम्‍मान, सामाजिक न्‍याय, सामुदायिक सेवा की भावना, स्‍वच्‍छता, पर्यावरण अनुकूलता का ध्‍यान रखना, शांति व सद्भाव का ख्‍याल रखना, आपसी सहयोग, स्‍थानीय स्‍तर पर स्‍वशासन, पारिस्‍थितिकी संतुलन, आत्‍मनिर्भरता और सार्वजनिक जीवन में पारदर्शिता एवं जवाबदेही इत्‍यादि इन मूल्‍यों में शामिल हैं।  सांसद ही इस योजना के स्‍तंभ हैं। विकास के लिए ग्राम पंचायत आधारभूत इकाई होगी। इसकी आबादी मैदानी क्षेत्रों में 3000-5000 और पहाड़ी, जनजातीय एवं दुर्गम क्षेत्रों में 1000-3000 होगी। जिन जिलों में इकाई का आकार उपलब्‍ध नहीं है, वहां अपेक्षित आबादी वाली ग्राम पंचायतों का चयन किया जा सकता है। यदि प्रत्येक सांसद तीन गांवों को गोद लेता है तो इस योजना के तहत अगले पांच वर्षों के दौरान 2379 ग्राम पंचायतों का विकास किया जा सकेगा। लोकसभा में 543 सांसद और राज्‍यसभा में 250 सांसद हैं, जिनमें से 12 मनोनीत हैं। आदर्श ग्राम के तौर पर विकसित करने के लिए किसी भी उपयुक्‍त ग्राम पंचायत का चयन सांसद अपनी मर्जी से कर सकेंगे। इसमें सांसद का अपना या उनकी पत्‍नी/पति का गांव शामिल नहीं होगा। भारत में 2,65,000 ग्राम पंचायत हैं।  इस योजना का क्रियान्‍वयन ग्राम विकास योजना के जरिए किया जाएगा, जिसे प्रत्येक चयनित ग्राम पंचायत के लिए तैयार किया जाएगा। इसके तहत हर गरीब परिवार को गरीबी के चंगुल से बाहर निकलने लायक बनाया जाएगा। इस लक्ष्‍य को पाने में जितनी भी राशि की कमी महसूस की जाएगी, उसकी पूर्ति निर्वाचन क्षेत्र कोष एमपीलैड (MPLAD) से की जाएगी। हर गांव में नियोजन की प्रक्रिया को सहभागिता के जरिए क्रियान्वित किया जाएगा, जिसमें समन्‍वय स्‍थापित करने का काम जिलाधिकारी करेंगे। सांसद इस मुहिम को सफल बनाने के लिए सक्रिय भूमिका निभाएंगे।  सांसद आदर्श ग्राम योजना के तहत सामुदायिक भागीदारी पर ध्‍यान केंद्रित किया गया है। सामाजिक कार्यों को पूरा करने में ग्रामीण समुदाय की भागीदारी से गांव में अन्‍य विकास कार्य भी पूरे हो सकते हैं।  सांसद आदर्श ग्राम योजना का एक और महत्वपूर्ण उद्देश्‍य मजबूत एवं पारदर्शी ग्राम पंचायतों तथा सक्रिय ग्राम सभाओं के जरिए स्‍थानीय लोकतंत्र को मजबूत करना तथा सुशासन सुनिश्‍चित करना है। इसके तहत निर्णय लेने की प्रक्रिया में महिलाओं की भागीदारी को प्रोत्‍साहित किया जाएगा। दरअसल, इस योजना के तहत महिलाओं एवं बच्‍चों से जुड़े विशेष मुद्दों पर विचार-विमर्श के लिए महिला सभाओं और बाल सभाओं का आयोजन भी किया जाना है।  सांसद आदर्श ग्राम योजना का एक अन्य उद्देश्‍य सभी के लिए शिक्षा सुविधाएं, वयस्‍क साक्षरता, ई-साक्षरता सुलभ कराना भी है। शिक्षा के अलावा, इन गांवों में उच्‍च गुणवत्‍ता वाली स्‍वास्‍थ्‍य सुविधाएं भी होंगी। इससे शत-प्रतिशत टीकाकरण, शत-प्रतिशत संस्‍थागत डिलीवरी, शिशु मृत्यु दर तथा मातृ मृत्यु दर में कमी, बच्‍चों में कुपोषण की कमी की समस्‍या से छुटकारा इत्‍यादि मिलना संभव हो पाएगा।  इस योजना को सफल बनाने के लिए उन्‍नत तकनीकों को अपनाने के साथ-साथ नवाचार पर भी ध्‍यान केंद्रित किया जाएगा। जैसे, नियोजन के लिए अंतरिक्ष एवं सुदूर संवेदी साधनों, योजना की देख-रेख के लिए मोबाइल आधारित तकनीक, उत्‍पादकता बढ़ाने के लिए कृषि तकनीक इत्‍यादि का इस्‍तेमाल किया जाएगा।  इस योजना के लिए राष्‍ट्रीय स्‍तर पर एक अलग एवं वेब आधारित वास्‍तविक समय दर्शाने वाली मॉनीटरिंग प्रणाली स्‍थापित की जाएगी, जिसमें सभी पहलुओं को कवर किया जाएगा। मंत्रालय ग्राम पंचायतों समेत विभिन्‍न स्‍तरों पर सरकारी पदाधिकारियों के लिए विशेष रूप से तैयार किया गया क्षमता सृजन कार्यक्रम शुरू करेगा। राज्‍य स्‍तर पर मुख्‍य सचिव की अगुवाई में एक उच्‍चाधिकार प्राप्‍त समिति होगी, जिनमें संबंधित विभागों के पदाधिकारियों के अलावा विशेषज्ञ और सिविल सोसायटी के कम-से-कम दो प्रतिनिधि भी होंगे। सांसद आदर्श ग्राम योजना के क्रियान्‍वयन के लिए जिलाधिकारी को प्रमुख अधिकारी माना गया है। वह इस योजना में भाग  करने वाले विभागों के प्रतिनिधियों के साथ हर महीने इसकी समीक्षा करेंगे। संबंधित सांसद इन समीक्षा बैठकों की अध्‍यक्षता करेंगे।  आज 13 फरवरी 2018 महाशिवरात्रि पर्व के दिन एक छोटा प्रयास। 26 अक्टूबर 2014 को 41 सालों से वर्तमान हाजीपुर सासंद रामविलास पासवान ने भगवानपुर प्रखंड के पंचायत अकबर मलाही को इस योजना के लिए चुना। बहुत ताम झाम के साथ उद्घाटन समारोह पर आम जनता के सरकारी खजाने का दुरुपयोग किया गया। लेकिन विकास की एक बुंद वहाँ नहीं गिरा। वहीं दूसरे महनार प्रखंड के अलीपुर हट्टा गाँव को लिया गया, जिसके गोद लेने के लिए कार्यक्रम में जितने खर्च हुए , उससे कम ही खर्च पूरे गाँव में आजतक हुआ। वहीं आज और जुमले की नींव रखी गई, हाजीपुर प्रखंड के विशुनपुर बालाधारी पंचायत का बलवा कोआरी गाँव में फिर तीसरा ताम झाम हुआ और जल्दी ही लंबी लंबी फेंकी जाएगी। इंतजार है कि वाकई जनता समझदारी से काम ले रही हैं या नेताओं में चतुरता बढ़ गई हैं।

13-Feb-2018 09:06

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