12-Apr-2018 05:22

योगी गिनती कर रहे अंतिम दिन

विशुद्ध हिंदू होने की मिलेगी सजा और योगी आदित्यनाथ करेंगे नये कुटनीति का आगाज।

भारत की राजनीति में योगी आदित्यनाथ ने अपनी पहचान अपने मेहनत और हौसले के बल पर बनाई हैं। योगी आदित्यनाथ के खुद की छवि इतनी बड़ी है कि भाजपा या आर एस एस बौनी साबित होती हैं। योगी एक संत ही नहीं, एक उच्च स्तरीय विद्वान भी हैं। अब रोज रोज स्पष्ट होने लगा है कि नरेंद्र मोदी के झूठ ने भारत को अंधेरे के तरफ धकेल दिया हैं। जिसके कारण अब नरेन्द्र मोदी अनशन तक कर अपनी छवि सुधारना चाहते हैं। हमने पहले ही बताया था कि, यह सच होता दिख रहा है कि योगी आदित्यनाथ के राजनैतिक और सामाजिक कद बढ़ने से मोदी और शाह की जोड़ी खतरें में। खास मिली सूचना के आधार पर यह तो साबित हो चला कि योगी आदित्यनाथ का कद अब मोदी से बड़ी हो चुकी हैं। योगी एक संत प्रवृत्ति और ब्राह्मचार्य का पालक हैं। अपने कर्तव्यों के निष्ठा के बल पर ही आज तक पाँच बार गोरखपुर से सांसद रहे और हिंदुत्व का एक शानदार चेहरा। आज भारत मोदी से बड़े योगी को लोग विशुद्ध हिंदू धर्म के रक्षक हैं। हिंदू के एक मात्र अब चेहरा जिसपर अब भरोसा है। इसी कारण अब मोदी सरकार को योगी आदित्यनाथ हजम नहीं हो रहे हैं। राजनीति के खेल का यह वहीं पहलू हैं जिसमें जितने के लिए अपनों को हराना पड़ता हैं। सूत्र बताते हैं कि माहौल एकदम गर्म हैं और राजनीतिक उथल - पथल की भारी संभावना है। वहीं जब से उत्तर प्रदेश में योगी आदित्यनाथ ने विधानसभा में कमाल किया वह मोदी और शाह के लिए गले की हड्डी बन कर ही मुख्यमंत्री की कुर्सी योगी आदित्यनाथ को प्राप्त हुआ। वहीं बता दें कि लोकसभा गोरखपुर सीट जो कि योगी आदित्यनाथ की राजनैतिक शक्ति हैं उसे गिराने का दुबारा प्रयास किया गया जिसमें मोदी और शाह को औंधे मुंह गिरना पड़ा। जिसके बाद लगातार प्रयास जारी है कि योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में खोट निकाली जाए और योगी आदित्यनाथ की राजनीति का अंत कर दिया जाए। लेकिन योगी आदित्यनाथ एक मझे हुये राजनेता हैं और मोदी और शाह की रचनाओं पर पैनी नजर रखे हुए हैं। जिसके बल पर मोदी और शाह के हर वार का जबाव बड़ी सलजता से योगी दे रहे हैं। लेकिन सूत्रों का कहना है कि योगी पर तमाम तरीकों से बंदिशे लगाने की तैयारी हैं, ताकि हिंदू समाज योगी आदित्यनाथ की ओर मुखातिब ना हो पाए। 2019 लोकसभा चुनाव में योगी आदित्यनाथ का चेहरा और जोड़ पकड़ सकता है और राजनीति करवट किधर ले ले कोई नहीं जानता है। आज हर युवा वर्ग में योगी आदित्यनाथ की हिंदुत्व वाली छवि मोदी से बहुत बड़ी दिख रही हैं और नतीजा यह है कि योगी आज मोदी से ज्यादा लोकप्रिय हैं। योगी आदित्यनाथ के लिए आने वाला वक्त और खतरनाक और भयावह हो सकती हैं। योगी आदित्यनाथ ने अपने जीवन का हर क्षण हिंदू धर्म और समाज के लिए दिया है। परिवार के उपर समाज को समझते हैं। वहीं राष्ट्रीय धर्म को अपना धरोहर। योगी आदित्यनाथ अब योगी से कहीं ज्यादा युवा पीढ़ी के प्रिय है, तो संभलकर और सुझबुझ के साथ आगे की राजनीति करने की जरूरत है। अब याद रखने वाली बातें हैं कि भारत की राजनीति ही नहीं भाजपा की राजनीति बदलने का समय आ गया हैं।

12-Apr-2018 05:22

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