26-Apr-2018 08:42

मुख्यमंत्री ने राज्य स्तरीय सतर्कता एवं अनुश्रवण समिति की बैठक की अध्यक्षता

मुख्यमंत्री ने अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति (अत्याचार निवारण) अधिनियम के तहत राज्य स्तरीय सतर्कता एवं अनुश्रवण समिति की बैठक की अध्यक्षता की

पटना, 26 अप्रैल 2018:- मुख्यमंत्री श्री नीतीश कुमार ने आज मुख्यमंत्री सचिवालय स्थित संवाद कक्ष में अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति (अत्याचार निवारण) अधिनियम 1989 के तहत राज्य स्तरीय सतर्कता एवं अनुश्रवण समिति की बैठक की अध्यक्षता की। बैठक में इससे जुड़े अपराध के आंकड़ों की जानकारी, अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति विशेष थाना भवनों का निर्माण, पुलिस पदाधिकारियों की नियुक्ति, वाहन उपलब्धता, जिला स्तर पर गठित निगरानी एवं अनुश्रवण समिति के कार्यकलाप की समीक्षा के बिंदुओं पर चर्चा हुई। समीक्षा के क्रम में मुख्यमंत्री ने निर्देष दिया कि अनुसूचित जाति-जन जाति अत्याचार अधिनियम के तहत दर्ज मामलों को विभिन्न कैटेगरी वाइज विष्लेषण करें, मामलों में क्या कार्रवाई हुयी है इसे भी देखें। अगर मामले में चार्जषीट दाखिल की गयी है तो कोर्ट से अग्रतर कार्रवाई जल्द हो इसका ध्यान रखें। उन्होंने यह भी निर्देष दिया कि अनुसूचित जति-जन जाति अत्याचार अधिनियम के तहत दर्ज मामलों में जाॅच लंबित नहीं रहनी चाहिये। उसके लिये एक समय अवधि निर्धारित की गयी है। पुलिस महानिदेषक इसकी समीक्षा करेंगे। मुख्यमंत्री ने निर्देश देते हुए कहा कि अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति एक्ट से जुड़े मामलों का निष्पादन समय सीमा के अंदर हो जाना चाहिए। पुलिस महानिदेशक, गृह सचिव, सी0आई0डी0, आई0जी0 कमजोर वर्ग सबलोग बैठकर विश्लेषण कीजिए कि लंबित मामलों के निष्पादन में विलंब क्यों हो रहा है। समीक्षा के क्रम में आॅपरेषन भूमि दखल देहानी तथा अभियान बसेरा पर भी विस्तृत चर्चा की गयी। मुख्यमंत्री ने निर्देष दिया कि महादलित वर्ग के अन्दर अब सभी अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति को शामिल किया गया है। इसे देखते हुये सर्वे करा लीजिये, जिन्हें बास भूमि उपलब्ध नहीं है। यह कार्य राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग के माध्यम से किया जायेगा। मुख्यमंत्री ने क्रय नीति की भी विस्तृत समीक्षा करने का निर्देष दिया। समीक्षा के क्रम में मुख्यमंत्री ने निर्देष दिया कि जिला स्तर पर अनुसूचित जाति-जन जाति अधिकार अधिनियम सतर्कता समिति की बैठक निर्धारित समय सीमा के अन्दर होनी चाहिये। जिला स्तर पर साल में चार बैठकें होनी है इसे सुनिष्चित करायें। जिन जिलों में निर्धारित बैठकें नहीं की गयी हैं उन जिलों के जिलाधिकारी से कारण पृच्छा की जाय। मुख्यमंत्री ने निर्देष दिया कि जिला स्तर पर सतर्कता समिति की बैठकों के आयोजन को जिलाधिकारी के ए0सी0आर0 का भी बिन्दु बनाया जाय। समीक्षा के क्रम में मुख्यमंत्री ने निर्देष दिया कि न सिर्फ अनुसूचित जाति-जन जाति थाने में अनुसूचित जाति-जन जाति निवारण अधिनियम के तहत दर्ज मामलों की समीक्षा करें बल्कि अन्य थानों में इस अधिनियम के तहत दर्ज मामलों की भी समीक्षा की जाय। मुख्यमंत्री ने कहा कि आज की बैठक में उठाये गये विभिन्न बिन्दुओं पर क्या कार्रवाई की गयी है इसके लिये जल्द ही बैठक बुलायी जायेगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि त्वरित विचारण एवं दोष सिद्धि दर (कनविक्षन रेट) बढ़ाने हेतु स्पीडी ट्रायल के लिये गृह सचिव के स्तर पर एक बैठक आयोजित की जाय, जिसमें पुलिस महानिदेषक, पुलिस महानिरीक्षक (कमजोर वर्ग) अपराध अनुसंधान विभाग एवं निदेषक अभियोजन के साथ लंबित मामलों की समीक्षा की जाय। उन्होंने दोष सिद्धि दर बढ़ाने के लिये विधि विभाग, पुलिस महानिरीक्षक (कमजोर वर्ग) एवं निदेषक अभियोजन के साथ विमर्ष करने एवं आवष्यक परामर्ष निर्गत करने का भी निर्देष दिया। मुख्यमंत्री ने कहा कि दर्ज काण्डों के विभिन्न चरणों यथा- पोस्टमार्टम, फाॅरेसिंक जाॅच और आरोप पत्र दायर करने की स्थिति, ट्रायल, दोष सिद्धि, रिहाई, लंबित मामले, निष्पादन, राहत अनुदान का भुगतान की वास्तविक स्थिति की रियल टाइम माॅनिटरिंग के लिये एम0आई0एस0 विकसित किया जाय। उन्होंने कहा कि पोस्टमार्टम एवं जख्म प्रतिवेदन की टैªकिंग हेतु एम0आई0एस0 विकसित किया जाय। समय-समय पर अधिनियम एवं नियम के प्रावधानों में हुये परिवर्तन को देखते हुये संबंधित पदाधिकारियों को इस नियम एवं अधिनियम के कार्यान्वयन हेतु नियमित रूप से प्रषिक्षण एवं उन्मुखीकरण कार्यक्रमों को संचालित करने का निर्देष दिया गया। इसके साथ ही अगली विधि व्यवस्था संबंधी बैठक में अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति (अत्याचार निवारण) अधिनियम के तहत होने वाले अत्याचारों की प्रत्येक बिन्दु पर समीक्षा की जायेगी। मुख्यमंत्री ने ये भी निर्देष दिया कि आपदा प्रबंधन की तर्ज पर अत्याचार से पीड़ित व्यक्तियों, आश्रितों को समय सीमा के अंदर राहत अनुदान वितरण सुनिष्चित किया जाय। इस अवसर पर उप मुख्यमंत्री श्री सुशील कुमार मोदी, अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति कल्याण मंत्री श्री रमेश ऋषिदेव, परिवहन मंत्री श्री संतोष निराला, भवन निर्माण मंत्री श्री महेश्वर हजारी, सांसद श्री चिराग पासवान, विधायक श्री श्याम रजक, विधायक श्रीमती भागीरथी देवी, विधायक श्रीमती वीणा भारती, विधायक श्रीमती प्रेमा चैधरी, विधायक श्री मनीष कुमार, विधायक श्री प्रभुनाथ प्रसाद, विधायक श्री ललन पासवान, विधायक श्री मनोहर प्रसाद सिंह, मुख्य सचिव श्री अंजनी कुमार सिंह, पुलिस महानिदेशक श्री के0एस0 द्विवेदी, प्रधान सचिव गृह श्री आमिर सुबहानी, मुख्यमंत्री के सचिव श्री अतीश चंद्रा, मुख्यमंत्री के सचिव श्री मनीष वर्मा, सचिव अनुसूचित जाति-जन जाति कल्याण विभाग श्री प्रेम कुमार मीणा, मुख्यमंत्री के विषेष कार्य पदाधिकारी श्री गोपाल सिंह सहित अन्य संबंधित विभागों के प्रधान सचिव/ सचिव एवं वरीय अधिकारीगण उपस्थित थे।

26-Apr-2018 08:42

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