20-Dec-2019 10:51

पटना के 144 विद्यालयों में से 90 विद्यालयों में प्रयोगशाला नहीं है जो काफी चिंता का विषय : डॉ महाचन्

बिहार इंटरमीडिएट की प्रायोगिक परीक्षा का कार्यक्रम घोषित है छात्र - छात्रा न तो प्रायोगिक परीक्षा एवं प्रयोगशाला का नाम सुने हैं और न ही वे इसका कुछ मतलब समझ पा रहे हैं

बिहार सरकार के पूर्व मंत्री एवं भाजपा के वरीय नेता डॉ महाचन्द्र प्रसाद सिंह ने कहा है कि स्कूलों एवं काँलेजों में प्रयोगशालाओं की वर्त्तमान दुर्दशा बेहद चिंताजनक है | डॉ. सिंह ने आगे कहा है कि राज्य के अधिकतर सरकारी विद्यालयों एवं महाविद्यालयों प्रयोशाला की व्यवस्था नहीं है | और जिन संस्थानों में प्रयोशालायें है भी वो उपकरणों एवं अन्य साजो-सामान के कमी की वजह से लगभग बंद पड़े हैं |

यह राज्य के शैक्षणिक व्यवस्था के लिए दुर्भाग्य की बात है | विज्ञान के छात्र माध्यमिक विद्यालय से लेकर स्नातकोतर तक की पढाई कर लेते हैं लेकिन प्रयोगशाला के मुह तक नहीं देखते हैं | राजधानी पटना के 144 विद्यालयों में से 90 विद्यालयों में प्रयोगशाला नहीं है जो काफी चिंता का विषय है |

बिहार इंटरमीडिएट की प्रायोगिक परीक्षा का कार्यक्रम घोषित है छात्र - छात्रा न तो प्रायोगिक परीक्षा एवं प्रयोगशाला का नाम सुने हैं और न ही वे इसका कुछ मतलब समझ पा रहे हैं | चूकि इंटरमीडिएट उच्च शिक्षा का आधार स्तम्भ है इस लिए यह बात किसी भी संवेदनशील सरकार के लिए अत्यंत चिंता का विषय है | यही स्थिति लगभग राज्य के सभी जिलों के विद्यालयों की है |

डॉ. सिंह ने इस संबंध में माननीय मुख्यमंत्री जी को पत्र लिख कर आग्रह किया है कि सरकार की ओर से सैद्धांतिक कक्षाओं के साथ – साथ प्रायोगिक कक्षाओं की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए | इसके लिए प्रायोगिक पढाई से संबंधित आधारभूत संरचना एवं उपकरणों की व्यवस्था हेतु अविलम्ब ठोस कारगर कदम उठाये जाएँ ताकि राज्य में छात्र-छात्रओं को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा मिल सके |

20-Dec-2019 10:51

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