14-Nov-2019 09:03

नहीं हटे एस.पी.बस्ती तो 21नवम्बर को होगा योगी का घेराव

जनेऊ व टीका सनातन संस्कृति की पहचान-चन्द्रमणि पाण्डेय सुदामाजी

जिस तरह युपी सहित पूरे देश में सुप्रिमकोर्ट व संविधान द्वारा प्रदत्त प्रत्येक व्यक्ति को अपने विचार लिखने व व्यक्त करने का संवैधानिक अधिकार दिया गया है। उस पर न केवल प्रतिबंध लगाते हुए शोषल मीडिया के टिप्पणी के आधार पर लोगों को गिरफ्तार किया गया है। यह एक अघोषित इमरजेंसी है ये बातें समाजसेवी चन्द्रमणि पाण्डेय सुदामाजी न कहीं। उन्होने कहा कि इस देश में पुलवामा को अंजाम देने वालों को भले न खोजा जा सका हो। देश को लूटने वाले नीरव व ललित मोदी को विदेश जाने से न रोका गया हो। किन्तु शोषल मीडिया पर लिखने से रोकने व खोजने का काम बस्ती जनपद की पुलिस बडी ही मुस्तैदी से कर रही है। भले ही वो जनपद के दर्जनों हत्याओं का खुलासा करने में असफल रही हो। हत्या आरोपितों को न पकड सकी हो किन्तु फेसबुक के अपराधियों को पकड युं अकड रही है।

जैसे आतंकी सरगना दाऊद को पकड लिया हो जिस तरह जनपद के नवयुवा जो कि मेरे साथ जनहित में जिलाधिकारी कार्यालय धरने पर 8 नवम्बर शुक्रवार को आया था। उसे धरना उपरांत करीब दो बजे दिन में राजनीतिक द्वेषवश शासन सत्ता के दबाव में न केवल गिरफ्तार किया गया। अपितु जिला जेल भेज दिया गया। जिसकी रिहाई मंगलवार को 5वें दिन देर शाम हुई ऐसी घटनाएं देश में आम हो चुकी हैं । जो सत्ता के विरुद्ध आवाज उठायेगा। उसे प्रसासनिक हथकंडे का शिकार बनना पडेगा। कारण आई.टी.एक्ट में गिरफ्तारी का प्राविधान ही नही व धारा 295 धार्मिक संस्था को क्षति पहुंचाने पर लगाया जाता है। किन्तु नवयुवक का लेख किसी को आहत करने वाला न होकर सिर्फ एक विचार था।

जिसे उसने डिलीट भी कर दिया था स्वंम् कोतवाल बस्ती ने आश्वासन भी दिया था कि पूंछ ताछ व लिखा पढी कराकर लडके को छोड दूंगा। श्री पाण्डेय ने कहा कि आज यह कहने में गुरेज नहीं कि जनपद में नवागत पुलिस अधीक्षक द्वारा ब्राह्मणों को विशेष निशाना बनाया जा रहा है। जिसे एक अखबार द्वारा प्रमुखता से प्रकाशित ही नहीं किया गया। अपितु हजारों लोगों ने उसे फेसबुक पर पोस्ट भी बनाया। किन्तु अखबार व शोषल मीडिया के आरोपों का खण्डन आज तक न होना आरोपों की सत्यता को बल प्रदान करता है। यदि अखबार व पीडित परिवार के अनुसार किसी को जातिसूचक शब्द प्रयोग कर जनेऊ उतरवा दिया गया, तो ये जाति विशेष नहीं अपितु सम्पूर्ण सनातन धर्म का अपमान है।

क्योंकि जनेऊ व टीका न केवल हमारी संस्कृति व पहचान है अपितु उसके महत्व को विग्यान भी स्वीकार कर चुका है। उपरोक्त घटना को निन्दनीय व दुर्भाग्यपूर्ण करार देते हुए। समाजसेवी ने कहा कि यदि द्वेष भाव से काम करने वाले एस.पी.व कोतवाल बस्ती को एक सप्ताह में नहीं हटाया गया। तो सनातन धर्म को मानने वाले टीका व जनेऊ के महत्व को समझने व सम्मान करने वालों अन्याय के प्रति संघर्षरत लोगों से आग्रह करूंगा। कि अपने सम्मान की रक्षा हेतु आगामी 21 नवम्बर को जनपद आगमन पर मुख्यमंत्री का घेराव कर न्याय की मांग करें। उन्होंने कहा कि जरूरत पडा तो विधनसभा का भी घेराव किया जायेगा।

14-Nov-2019 09:03

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