01-Oct-2019 09:46

दरौंदा के दावेदार

बदले परिस्थिति में एमवाई समीकरण तथा सजातीय मतों के ध्रुवीकरण पर उनकी हार जीत ठीकी है, भाजपा से जुड़े और निर्दलीय ताल ठोकने वाले व्यास सिंह के परिवार का ध्यान सियान की राजनीति पर गहरा प्रभाव रहा है

सिवान जिले के दरौंदा विधानसभा उपचुनाव में इस बार त्रिकोणीय मुकाबले के आसार हैं एनडीए के घटक दल जदयू ने यहां से सिवान के सांसद कविता सिंह के पति अजय सिंह को अपना उम्मीदवार बनाया है तो महागठबंधन के घटक दल राजद ने उमेश सिंह पर दांव लगाया है सीवान की राजनीति में अपनी अलग धमक रखने वाले पाल सिंह के परिवार के कर्णजीत सिंह ऊर्फ व्यास सिंह ने निर्दलीय ताल ठोक कर लड़ाई को त्रिकोणीय बना दिया है. राजपूत बहुल्य मतदाताओं वाले इस विधानसभा क्षेत्र में तीनों उम्मीदवार राजपूत जाति से आते हैं.

नए परिसीमन के बाद अस्तित्व में आने के बाद से दरौंदा विधानसभा सीट पर अजय सिंह के परिवार का ही कब्जा है पहले यहां से इनकी माता जगमातो देवी विधायक बनी तथा उनके निधन के बाद खाली हुए सीट पर हुए उपचुनाव में इनकी पत्नी कविता सिंह विजयी हुई गत विधानसभा चुनाव में भी कांटे की टक्कर में कविता सिंह ने भाजपा के जितेंद्र स्वामी को पराजित किया था। कविता सिंह सिवान से सांसद निर्वाचित हुई है इसी कारण इस सीट से उपचुनाव हो रहा है उनके पति अजय सिंह इस विधानसभा में अहम कड़ी है इस बार वे खुद चुनाव लड़ रहे है.

राजद उम्मीदवार उमेश सिंह की पहचान क्षेत्र में एक सामाजिक कार्यकर्ता के रूप में रही है वे पहली बार चुनाव लड़ रहे हैं उनकी माताजी मुखिया है बदले परिस्थिति में एमवाई समीकरण तथा सजातीय मतों के ध्रुवीकरण पर उनकी हार जीत ठीकी है, भाजपा से जुड़े और निर्दलीय ताल ठोकने वाले व्यास सिंह के परिवार का ध्यान सियान की राजनीति पर गहरा प्रभाव रहा है. इस बार वे एनडीए घटक के टिकट के प्रबल दावेदार पर अंतिम समय में अजय सिंह को टिकट मिलने के बाद वे बागी उम्मीदवार के तौर पर चुनाव लड़ रहे हैं सिवान के पूर्व सांसद ओमप्रकाश यादव ने खुलेआम इनका समर्थन किया है बावजूद इसके व्यास सिंह के लिए दरौंदा के रण को जीतना आसान नजर नहीं आ रहा है. दरौंदा की राजनीति में अपनी धमक रखने वाले भाजपा के दिग्गज नेता जितेंद्र स्वामी व राजद के टिकट पर चुनाव लड़ चुके प्रोफ़ेसर बीके सिंह इस चुनाव में अहम कड़ी साबित होंगे हालांकि अजय सिंह खेमे द्वारा यह दावा किया जा रहा है कि जितेंद्र स्वामी और बीके सिंह उनके समर्थन में है।

जदयू उम्मीदवार अजय सिंह को मोदी मैजिक और नीतीश कुमार के विकास कार्यों का भरोसा है तो राजद उम्मीदवार उमेश सिंह अवध बिहारी चौधरी हिना साहब और प्रभुनाथ सिंह के आशीर्वाद से मुस्लिम यादव दलित और राजपूतों को गोलबंद करने में लगे हैं। निर्दलीय व्यास सिंह को अजय सिंह विरोधी गुट का साथ मिला हुआ है राजपूत यादव मतों के सहारे वे इस बार दरौंदा विधानसभा को अजय सिंह परिवार से मुक्त कराने की बात कर रहे हैं सूत्रों की मानें तो पूर्व सांसद ओम प्रकाश यादव के साथ ही साथ विधायक श्याम बहादुर सिंह के पुत्र भी उनके लिए इलाके में वोट मांग रहे हैं अब ऊंट किस करवट बैठेगा यह तो आने वाला समय ही बताएगा फिलहाल तीनों उम्मीदवार नामांकन के बाद क्षेत्र में मतदाताओं को लुभाने के लिए जी तोड़ मेहनत कर रहे हैं।

01-Oct-2019 09:46

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