14-Dec-2019 04:21

ठंड में बढ़ने लगी पाली की चुनावी सरगर्मी, घमासान का खेल हुआ शुरू,कांग्रेस-भाजपा में किसके कब्जे होगा

2019 का नगरीय निकाय चुनाव नियत तिथि की ओर अग्रसर है।जहाँ 21 दिसंबर को मतदान होना है तथा 24 को इसके नतीजे घोषित होने है।

कोरबा(पाली):- नगरीय निकाय का अप्रत्यक्ष रूप से होने जा रहे आसन्न चुनाव घमासान को लेकर ठंड के इस मौसम में चुनावी सरगर्मी तेज होने लगी है।पार्टियों द्वारा चयनित पार्षद प्रत्याशी चुनावी मैदान में उतर चुके है तथा अपना करतब दिखाते हुए तरह-तरह के नुस्खे व दावपेंच आजमाने प्रारंभ कर दिए है।जहाँ 15 वार्डों में कांग्रेस-भाजपा के बीच कांटे की टक्कर मानी जा रही है।रही बात वर्तमान चुनाव कि तो 10 वर्षों में निकाय कामकाज से जनता भलीभांति वाकिफ है।और जागरूक नगरवासी इस बार अपनी और अपने वार्ड की सुरक्षा और विकास को दृष्टिगत रखते हुए अपना प्रतिनिधि चुन सकते हैं।

अतिश्योक्ति ना होगा कि अक्सर चुनावी समय आते ही जनता को चुनावी प्रत्याशी झूठे प्रलोभन देकर वोट हासिल कर चुनाव जीतने भरसक प्रयास करते हैं और जनता इनके प्रलोभन में आ भी जाती है।जिसका खामियाजा वार्डवासियों को पांच साल तक चुकाना पड़ता है।अब जनता जागरूक हो चुकी है और चुनावी प्रत्याशियों के झूठे प्रलोभन में नही आने वाली है।इस बार वार्डवासी अपने मताधिकार का सही प्रयोग कर जवाबदार प्रत्याशी चुनने के मूड़ में है।

ज्ञात हो कि आगामी 2019 का नगरीय निकाय चुनाव नियत तिथि की ओर अग्रसर है।जहाँ 21 दिसंबर को मतदान होना है तथा 24 को इसके नतीजे घोषित होने है।कांग्रेस-भाजपा दोनों ने इस बार नए चेहरों के साथ अपने कुछ पुराने प्रत्याशी को भी मैदान में उतारे है।और पुराने निर्वाचित प्रत्याशियों के कार्यकाल में वार्डों में कितने विकासकार्य कराए गए तथा वार्डवासी उनके कार्यो से कितने संतुष्ट रहे ये तो चुनावी परिणाम ही बया कर सकता हैं।

वहीं कई प्रत्याशी ऐसे भी है जो किसी दूसरे वार्ड में अपना किस्मत आजमा रहे है।ऐसे प्रत्याशी को कितना तवज्जों मिलती है यह भी देखने वाली बात होगी।अगर पाली नगर के 15 वार्डों के विकास की बात करे तो आज भी वार्डों में अनेक प्रकार के समस्याएँ देखने को सहज मिलती है।देखा जाये तो इस बार नगर पंचायत के कब्जे को लेकर दोनो ही पार्टी के प्रत्याशी आमने-सामने हैं।जहाँ भाजपा अपने दस साल के विकासकार्यों को मुद्दा बनाकर जनता के बीच जा रही है तो कांग्रेस उन विकास को विनाश का नाम देकर डटी हुई है।जिस लिहाज से चुनाव बेहद घमासान होने के साथ-साथ रोमांचक भी नजर आने लगा है।इन सबके बीच कुछ निर्दलीय उम्मीदवार भी हैं जो जीत की मंशा को लेकर वोट कुतरने का कार्य कर सकते है।देखना है पाली नगर पंचायत की कुर्सी पर पुनः भाजपा का कब्जा होता है या फिर प्रदेश में कब्जा जमाने वाली सत्तासीन कांग्रेस यहाँ पर भी बाजी मारती है...?

14-Dec-2019 04:21

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