04-May-2019 07:11

जनता को गुमराह और गुनेहगार बनाने में सफ़लता पाते प्रशासन और जनप्रतिनिधि

फिर प्रशासन गुमराह कर गए पटिल्ही की जनता को और इंतजार की राह पकड़ा गई।

बिहार सरकार की सात निश्चय योजनाओं की विफलता एक बड़ा सवाल उठा रही हैं। तो वहीं कुछ लंबे इंतजार के बाद हाजीपुर लोकसभा क्षेत्र के अफजलपुर धोबघट्टी पंचायत स्थित पटिल्ही गाँव के लोगों अपने आक्रोश जताना पड़ा। ज्ञात हो कि लगभग 10 महिने पहले जल नल योजना के तहत वार्ड 8 क्षेत्र में मोटर गाड़ा गया था। लेकिन आज तक किसी भी वार्ड क्षेत्र की जनता को एक बुंद पानी प्राप्त नहींं हुआ। वहीं वार्ड सदस्य अपने घर के सारे काम उसी से किया करते थे। गाँव के लोगों को पानी की समस्या से बीमारियों का प्रकोप परेशान कर रहा था, तो जनप्रतिनिधियों के कानों पर जूँ तक नहीं रेंग रहा था।

कुछ समयों से पानी के लिए तरसती जनता धीरे धीरे आक्रामक रुख अपना रही थी। पंचायत सचिव, मुखिया, जिला परिषद, प्रखंड विकास पदाधिकारी तक शिकायत करते करते लोग थक चुके थे। फेसबुक पर भी एक आंदोलनत्मक रूप से अभियान चलाया जा रहा था। गाँव में बहुत मुश्किल से चार समरसेवल मोटर कुछ लोग गड़वाये हुए थे, जहाँ से पानी ढ़ोकर गाँव के लोग ले जाते थे। वार्ड सदस्य किसी भी प्रकार से कुछ कदम गड्ढ़े करवाकर पाईप लाईन 5 % क्षेत्र में करवाकर टाल मटोल कर रहे थे। जिसका आक्रोश बढ़ा और चुनाव के ध्यान में रखते हुए ग्रामीणों ने एकता का परिचय देते हुए, लिखित आवेदन के साथ ग्रामीण पत्रकार मनीष कुमार ने प्रखंड विकास पदाधिकारी को यह अवगत कराया कि अगर जल की समस्या का सामाधान नहीं किया गया तो मतदान कराने की हिम्मत गाँव में ना किया जाए।

वहीं आज एक कदम बढ़ाते हुए, प्रखंड विकास पदाधिकारी ने जल नल योजना के इंजीनियर को पटिल्ही गाँव वार्ड संख्या 8 में स्थिति का जायजा लेने भेजा। इंजीनियर महोदय स्थिति का जायजा लेने पिछले छह-आएठ महीने में कभी नहींं गये, जिसका परिणाम आज भयावह हो गई। इंजीनियर महोदय गाँव का दौड़ा करने की जगह वार्ड सदस्य के साथ गुफ्तगू कर भागने के चक्कर में थे। एक कागजी लापरवाही बरतने की तैयारी में, ताकि जाँच को टाला जा सके। वहीं मौके पर ग्रामीणों की नज़र इंजीनियर महोदय की गाड़ियों पर पड़ी और ग्रामीण बातें करने गये तो इंजीनियर महोदय अपना रौब दिखाने लगे और मतदान बाद इसपर विचार करेंगे कहकर लोगों को गुमराह करने लगे। वहीं नवयुवकों की एक टोली आकर इंजीनियर महोदय को सम्मान पूर्वक बैठा कर नज़रबंद कर दिया। जिसके बाद पुरे गाँव के लगभग 500 लोगों द्वारा इंजीनियर महोदय को घेरकर, वरिय पदाधिकारियों को बुलाने के लिए कहाँ। लेकिन प्रशासन की इतनी हिम्मत नहीं हुई कि प्रखंड विकास पदाधिकारी या जिलाधिकारी जैसे पदाधिकारी गाँव तक आ सके। इसलिए पुलिस की सहायता से एक गुमराह करने वाले दस्तावेज तैयार कराये गये, जिसका शायद कोई औचित्य नहीं होगा।

अब ग्रामीण का कहना है कि वोट का बहिष्कार सुनिश्चित हैं और अगर 15 दिन में गाँव के प्रत्येक घर में जल नहीं पहुँचता हैं, तो पुलिस की चालबाजी का जबाव दिया जाऐगा। गर्मी और मौसम के प्रकोप के कारण पानी पीने लायक नहीं आ रही हैं। पानी की भारी कमी से जनता तबाह और परेशान हैं, लेकिन सांसद, विधायक जनता को गुमराह करने में लगे हुए हैं। इसका जबाव पूर्ण समझदारी के साथ अहिंसात्मक या जरूरत पड़ेगी तो अहिंसात्मक तरीकों से भी दिया जाएगा। लेकिन 6 मई को होने वाली मतदान में पटिल्ही के प्राथमिक विद्यालय पर मतदान का हमसब ग्रामीण विरोध करेंगे।

04-May-2019 07:11

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