02-Apr-2018 06:15

आरक्षण के आर में अपनी राजनीति को संरक्षित करने में लगे सांसद

भारत के विभिन्न राज्यों में भारत बंद का असर कमोबेश रहा, वहीं बिहार में एक सफल आयाम राजनीति पार्टियों के समर्थन करने से मिला। खास कर वैशाली, हाजीपुर से सबसे ज्यादा लोकतंत्र की हत्या की गई। और जिला प्रशासन और पुलिस अधीक्षक तमाशबीन बने रहें।

कौन कहता है कि आरक्षण भारत को बर्बाद कर देगा। मेरा मानना है कि आरक्षण की जरूरत है इस देश को और बुद्धिजीवियों का मानना है यह निरंतर जारी रहें। लेकिन सवाल यह है कि किनके लिए ?? इस सवाल के जबाव देने के लिए आरक्षण प्राप्त कर 17 रूपये से 17000 करोड़ रूपये की संपत्ति बनाने वाले राजनेता को बोलना चाहिए। लेकिन दुर्भाग्य है कि भारत के प्रत्येक राज्यों में विरोध का तरीका अलग और शांतिपूर्ण तरीके और सदभाव भरा रहा । लेकिन बिहार के सबसे बड़े लोकसभा क्षेत्र हाजीपुर जो कि 41 साल से आरक्षित सीट लोकसभा में है। वहीं पर सबसे ज्यादा बड़ा तंगा फैलाया गया। रविवार की संध्या पर अपने को दलितों के मसीहा कहने वालों ने शहर में हथियारों के साथ तांडव किया। तो सुबह 6 बजे से ही आम जीवन को SC/ST एक्ट पर डराते धमकाते शहरों में नजर आये। शहर के प्रमुख लोगों ने बागडौर संभाली जो की प्रशासन द्वारा शहरों में बिछाये गये सी सी टीवी कैमरों म़े देखा जा सकता है। हो सकता है कि कल सी सी टीवी को खराब घोषित कर दिया जाए या फुटेज गायब करा दिया जाए। जब जिला का संचालन करने वाला ही अध्यक्षता हो तो कुछ भी संभव हैं। वहीं कोचिंग संस्थानों पर जोरदार हमले किये गये और कोचिंग संस्थानों के टेबुल, कुर्सी, बैंच, डैक्स, किताबों आदि और भी समानों को जला दिया गया। यहीं यह कारवां नहीं रूका और छात्रों को मारा पीटा गया और छात्राओं के साथ भी अभ्रदता की गई। जिसमें दलितों के परिवार की भी छात्राएं थीं। बच्चों के साईकिल, बाईंक आदि को भी पूर्ण रूप से क्षतिग्रस्त किया गया। कल से बच्चों को 10-15 किलोमीटर आने जाने के लिए सोचना पड़ेगा। हजारों दलितों और गरीब सामान्य जातियों को 1000-5000 रूपये का नुकसान हुआ। क्या कोई संगठन इसकी जिम्मेदारी लेगा और क्षति का भरपाई करने आयेगा। आज जो नफरत की आग फैलाई गई, वह एक भयावह दृश्य बनाया गया। सोमवार की सुबह से जो पटकथा चलाई गई वह वातानुकूलित कमरों में तैयार की गई। जिसके बारें में तंगों में शामिल महिलाओं के मुख से सुनने को मिला। आरक्षण हाजीपुर का विकास नहीं कर पाई यह और आज सावित हो गया। अगर आरक्षण से विकास आम आदमी का होना होता तो वह आज दिखाई देता। लेकिन जो दिखाई दिया वह अस्पष्ट करता है कि हाजीपुर से एक मात्र जीवित सांसद रामविलास पासवान और आज वर्तमान में केन्द्रीय मंत्री का विकास हुआ। आरक्षण का लाभ उठाकर भाईयों, और रिश्तेदार को मजबूती प्रदान की और बाद में पुत्र चिराग पासवान के मुर्झाते हुए कैरियर को दिया। कहाँ जाता हैं कि राम विलास पासवान मात्र 17 रूपया लेकर हाजीपुर आये थे और आज अथाह संपत्ति के मालिक हैं। राजनीतिक पार्टि के निर्माण के बाद पूरे खानदान का विकास कर लिए लेकिन हाजीपुर के आम आरक्षण प्राप्त करने वाले गरीब के हाथ लोजपा का झंडा मिला। गरीब को पता भी नहीं है कि रैलियों में क्यों आये हैं। ताड़ी के बंदी पर रामविलास पासवान हाजीपुर आकर धरना प्रदर्शन किये। लेकिन 41 साल में दस आदमी का घर रौशनदान नहीं कर पायें। सूत्रों की माने तो आज तक हाजीपुर को अपनी माँ जैसी माने वाले रामविलास पासवान का अपना कोई स्थाई पता तक नहीं बना पाये 41 सालों में। परंतु पटना, दिल्ली, लखनऊ, कोलकाता, राँची, अहमदाबाद, बैगलोर, मुंबई, पुना, लोनावला- महाराष्ट्र, दक्षिण भारत में कई और महत्वपूर्ण स्थानों पर घर या बिल्डिंग निर्माण किया हुआ है। लेकिन माँ के लिए ना तो स्नेह है और ना ही भातृ प्रेम। हाजीपुर में दर्जनों दुकानों को लूटा गया, सड़को पर गाड़ियों से लोगों को उतारकर मारा गया, औरतों तक गाड़ियों से उतार कर हवा निकाल कर 10-15 किलोमीटर ई पैदल भगाया गया। अभ्रदता का चरम सीमा पार की गई और तो और अंतिम संस्कार के लिए जाते गाड़ियों को तक नहीं जाने दिया जा रहा था। घंटों संघर्षों के बाद अंतिम संस्कार के लिए श्रीहरि धाम कौनहारा घाट पहुंचे। वैशाली जिला प्रशासन और पुलिस अधीक्षक बड़े आराम से शहर को और आम आदमी को जलने दिया। शुन्य मात्र की तैयारी की गई और आम जीवन को तहस नहस कर दिया गया। स्वीकृति किसने दिया यह सवाल का जवाब तो जिला प्रशासन और पुलिस अधीक्षक वैशाली को देना ही होगा ??

02-Apr-2018 06:15

राजनीति मुख्य खबरें

समाचार भारत_दर्शन राजनीति खेल जुर्म शिक्षा चिकित्सा धर्म परम्परा व्यक्तित्व कला सम्मान फिल्म सामाजिक_संस्थान रोजगार कानून अर्थव्यवस्था समस्या पर्यावरण सैनिक पुलिस गांव शहर ज्योतिष सामान्य_प्रशासन जन_संपर्क छात्र_छात्रा
Copy Right 2020-2025 Ahaan News Pvt. Ltd. || Presented By : CodeLover Technology