10-Dec-2019 10:54

सैंया भये कोतवाल तो डर काहे का, अतुल दत्त तिवारी बीईओ ने अवैध के बजाय वैध कोचिंग को कराया सीज

खण्ड शिक्षा अधिकारी अतुल दत्त तिवारी ने अपने चहेते अवैध विद्यालय व कोचिंग को बचाने के लिए सीज कराये मान्यता प्राप्त कोचिंग संस्थान

प्रयागराज में जुर्म की इन्तेहाँ, तीर्थराज व कुम्भ नगरी के नाम से प्रसिद्ध प्रयागराज अब खण्ड शिक्षा अधिकारी अतुल दत्त तिवारी के नित नए कारनामे के लिए भी प्रसिद्धि प्राप्त कर रहा है। जिसमे संजय कुमार कुशवाहा,बीएसए की भी संलिप्तता जारी है। जानकारी के अनुसार जगदीश प्रसाद द्विवेदी पुत्र बद्री नाथ द्विवेदी तथा शेषमणि शुक्ला निवासी राम का पूरा, पीड़ी, कौंधियारा, करछना, प्रयागराज अपने मकानों के कुल मात्र 06 कमरों में सालिगराम शुक्ल के साथ मिलकर विगत 20 वर्षों से रोज गार्डन पब्लिक स्कूल मानक विहीन, गैर मान्यता प्राप्त, अवैध व अमान्य विद्यालय चलाते हैं तथा सूर्य नारायण द्विवेदी पुत्र बद्री नाथ द्विवेदी एवं इददा कांत शुक्ल निवासीगण राम का पूरा, पीड़ी, कौंधियारा, करछना, प्रयागराज के मकानों में आशुतोष मिश्र द्वारा एडवन्द कोचिंग तथा एडवन्द एकेडमी नामक मानक विहीन, गैर मान्यता प्राप्त अवैध व अमान्य विद्यालयों का संचालन हो रहा है।

जोकि आरटीई ऐक्ट 2009 की धारा 18 व 19 का खुला उल्लंघन होने के साथ भा0द0स0 की धारा 120बी, 417, 419 व 420 के तहत दण्डनीय भी है व जिसकी विगत कई वर्षों से शिकायत भी हो रही है। परन्तु उपरोक्त अवैध विद्यालय संचालकों की अतुल दत्त तिवारी, खण्ड शिक्षा अधिकारी कौंधियारा से नजदीकी व उन्हें व्यक्तिगत लाभ के चलते नियम कानून की धज्जियां उड़ाते हुए। संजय कुमार कुशवाहा, बीएसए प्रयागराज व एबीएसए अतुल दत्त तिवारी की कृपा से यह अवैध विद्यालय अनवरत संचालित हैं। दिलचस्प तो यह है कि उपरोक्त अवैध विद्यालयों की बार-बार शिकायत मिलने के बाद अतुल दत्त तिवारी एबीएसए ने अपने चहेते अवैध विद्यालयों को बचाने के चक्कर मे एक मान्यता प्राप्त कोचिंग को ही सीज करवाकर इतिश्री कर लिया ।

जिसका खुलासा सीज कोचिंग के प्रबंधक द्वारा मान्यता प्रमाण पत्र दिखाने के बाद हुआ है। जिसके अनुसार इस कोचिंग की मान्यता 08 नवम्बर 2019 को ही हो चुकी थी व 05 दिसम्बर 2019 को मान्यता का प्रमाण पत्र भी प्रबन्धक को मिल चुका था। जिसकी प्रतिलिपि खुद एबीएसए अतुल दत्त तिवारी, संकुल प्रभारी शैलेन्द्र प्रताप सिंह सहित सभी उच्च अधिकारियों को भी दिया जा चुका था ।

परंतु अपने चहेते अवैध विद्यालयों को व्यक्तिगत लाभ के चलते किसी अन्य मान्यता प्राप्त कोचिंग को जबरन सीज कराकर अधिकारियों ने इतिश्री कर ली। अब देखना होगा कि भ्रष्टाचार के विरुध्द जीरो टॉलरेंस की बात करने वाली वर्तमान सरकार में इन अधिकारियों के विरुद्ध क्या कोई कार्यवाही हो पाएगी या हिंदी का मुहावरा ढाक के तीन पात की कहावत चरितार्थ होगी। उधर जानकारी के अनुसार कौंधियारा क्षेत्र में सैकड़ों अवैध विद्यालय व कोचिंग संस्थान इन अधिकारियों की कृपा से अनवरत फल फूल रहे हैं।

10-Dec-2019 10:54

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