24-Sep-2018 06:17

मौत के खेल में जिला प्रशासन अव्वल : ई. रविंद्र सिंह

डर पैदा करने में राशिफल आने वाले समय में पुलिस अपना भरोसा खो रही।

आप कैसे सुरक्षित रह सकते हैं जब मैं परेशान हूँ ? आप मुझे अकेला छोड़, जब मैं आपके साथ यही होता हूँ। पुलिस प्रशासन का कहना है होता हैं। लेकिन आज पुलिस जो दिखा रही है वह यह कि आप कैसे सुरक्षित रह सकते हैं क्योंकि मैं सुरक्षित नहीं ? आप कैसे मुझ पर भरोसा कर सकते हैं क्योंकि मैं घूसखोर हूँ ? मैं अपराधियों का संरक्षण में, बालू माफियाओं का संरक्षण में, मैं दारु माफियाओं को संरक्षित रखता हूं और अब मैं मौत को संरक्षित करने के लिए काम करता हूं। आप मरे यही जिला प्रशासन का प्रथम कर्तव्य है ? वैशाली जिला लगभग 1 वर्षों से डर की जिंदगी जी रहा है। यह कहते हुए इंजीनियर रविंद्र सिंह कहते हैं कि आज पूरा का पूरा वैशाली जिला मौत के साए में 24 घंटे जीता है। वैशाली में थोड़े से भी सक्रिय जो लोग हैं वह हमेशा याद रखता है कि सुबह घर से निकल रहा हूं शाम लौटूँगा कि नहीं। पेट की मजबूरी ना हो तो लोग घर से निकलना बंद ही कर दे। जिस परिस्थिति में आज पूरा बिहार हर दिन हर पल डरा हुआ है, वह सरकार की विफलता और प्रशासन की लापरवाही की अपराधिक सोच कह सकते हैं।आम जीवन को अब प्रशासन पर भरोसा रखना बहुत मुश्किल हो गया है। बिहार की पुलिस बिल्कुल विफल है और पुलिस से जहां अपराधियों को डरना चाहिए था, अब अपराधी पुलिस से लेकर के आम आदमी में डर बैठाने में सफल हो चुकी है। रविवार की शाम वैशाली जिला के रहने वाले समीर कुमार जोकि मुजफ्फरपुर के पूर्व में मेयर रह चुके हैं। उनकी हत्या जिस बेरहमी से की गई, वह हत्या उन पलों को याद करने के लिए फिर विवश करती है, जिस समय बिहार में भुटकुन शुक्ला की हत्या हुई थी। विडंबना है राज्य जिस नेतृत्वकर्ता के रूप में नीतीश कुमार को देखती रही हैं, वह आज कहीं नहीं है। नीतीश कुमार की अपनी छवि में बिहार की प्रशासनिक छवि कहीं नहीं नजर आती है। चुनाव का वक्त आ रहा है और नए-नए हथकंडे अपनाए जा रहे हैं। वही लगातार सवर्णों पर हो रहे हमले राजनैतिक हमलों की तरफ इशारा करती हैं।

वहीं सराय थाना के अररी विद्यालय के निकट एक फाइनेंसकर्मी 30 वर्षिय युवक को गोली मार कर हत्या कर 33 हजार रुपये लूट लिया। पत्रकार भाईयों से प्राप्त सुचना की बिदुपुर थान के विशुनपुर राजखण्ड निवासी विमल सिंह के पुत्र अमन था। जो हाजीपुर के माइक्रो फाइनेंस में कार्यरत था। सराय के अररी विद्यालय के निकट महिला समूह से 33 हजार रुपये बसूली कर करताहा पैशन प्रो मोटरसाइकिल से वसूली में जा रहा था, कि मोटरसाइकिल सवार दो शस्त्र अपराधियों ने पीछा कर रुपये का थैला छीन लिया। जब गाड़ी छोर अमन ने भागा तो खदेड़ कर सीने में गोली मार दिया। जिससे अमन की मौत घटना स्थल पर ही हो गयी। सराय के अहान न्यूज़ के संवाददाता ने बताया कि स्थानीय लोगों के अनुसार अपराधियों ने अमन को खदेड़ कर गोली मारी है। जबकि अमन पहले ही पैसे वाला बैग अपराधियों को दे दिया था तथा अपनी मोटरसाइकिल छोड़ भागा था। जिसे अपराधियों ने खदेड़ कर अमन गोली मार कर फरार हो गया। घटना की सूचना पर सराय थानाध्यक्ष रमन कुमार, भगवनपुर थानाध्यक्ष अजय कुमार दलबल में साथ घटना स्थल पर पहुँच इलाज के लिए हाजीपुर सदर अस्पताल भेजे। जहाँ डॉक्टरों ने अमन को मृत घोषित कर दिया।

सर्वविदित है, पिछले कुछ समय में वैशाली जिला एवं आसपास के क्षेत्रों में इतनी ज्यादा हत्या हो चुकी है, कि हर आदमी के मन में प्रत्येक मौत के बाद एक ऐसा खौफनाक मंजर उसके सामने उभर कर आता है, जिससे वह अपने आपको काबू में नहीं कर पाता। पूरा का पूरा हाजीपुर शहर मौत के टापू पर बैठा हुआ है। सभी को ज्ञात है कि चार-पांच महीने पहले बहुत बुरी तरीके से सुशील सिंह की हत्या हुई थी। हत्यारों की वीडियो फुटेज होने के बावजूद वैशाली पुलिस उन अपराधियों को नहीं पकड़ पाई। जिस से आने वाले समय में उन अपराधियों के माध्यम से जो खुलेआम हत्याकांड देखने को मिलेगा वह वैशाली प्रशासन पर कलंक होगा। हत्या करते चलते जा रहे अपराधियों द्वारा बड़ी घटनाओं को अंजाम देने के लिए वह और मनोबल मजबूत कर तैयार रहेंगे। वैशाली पुलिस पर भरोसा करना अब बहुत मुश्किल होगा। क्योंकि वैशाली पुलिस ने पिछले कुछ वर्षों में ऐसा कोई भी कदम नहीं उठाया, जिससे आम आदमी का भरोसा जीत सके। उसके बाद कुछ हफ्ते पहले संजीव सिन्हा की हत्या एक बार फिर हाजीपुर को दहला दिया। संजीव सिन्हा की हत्या ने साबित फिर कर दिया कि वैशाली पुलिस बालू दारु में लिप्त है और सरकार के आयोजित कार्यक्रमों के अनुसार पैसे उगाही में लगी हुई है। वैशाली पुलिस अपने चरित्र के कारण आज आम जनता का भरोसा खो चुकी। जिसका परिणाम दो दिन पहले यह भी हुआ, जब वैशाली पुलिस द्वारा गुमराह कर शहर के अंदर राजनीतिक रूप से प्रेरित होकर राजीव ब्रह्मर्षि की गिरफ्तारी की साथ ही साथ हिंदू मुस्लिम के झगड़े को बढ़ावा देने एवं अफवाहों को नगर थाना से उड़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। जिला प्रशासन जितना भी उफान ले ले, लेकिन वह अपनी गरिमा अपनी प्रतिष्ठा बनाए रखने में कब सफल होगी, इसकी संभावना अब दूर-दूर तक संभाव नहीं दिख रही हैं।

हाजीपुर के सभ्य समाज के लोग यही लगता है कि शायद अब किसी की नजर लग गई। वैशाली लोकतंत्र की जननी है, महावीर की जन्मभूमि है, बुद्ध की कर्मभूमि है, साथ ही साथ अहिंसा परमो धर्मा का उद्भव इसी धरती से हुआ। लेकिन वैशाली गणराज्य क्षेत्र आज प्रशासनिक चूक का अड्डा बन चुका है। आम आदमी किसी भी तरीके से शासन प्रशासन को जानने समझने में और असक्षम हो चुकी है। यह कहा जाए कि भारतीय संविधान के साथ जो खिलवाड़ लगातार चल रहा है वह बहुत ही दुखद हैं। जिला प्रशासन और पुलिस अधीक्षक के साथ साथ पुलिस महानिरीक्षक तक की कार्यशैली संदेह के घेरे में लगातार चल रही है और जिसका परिणाम सिर्फ इतना है कि हम हर रोज एक हत्या देख रहे हैं। वहीं आज सुन रहे हैं और डर कर अपने अपने घरों में चले जाते हैं। अब बाजार शाम के 6:00 बजे के आसपास से बंद होना शुरू हो जाता है और लोगों को कोई दिलचस्पी नहीं है। शायद किसी सभ्य समाज को समझ नहीं आती है कि शासन प्रशासन किस प्रणाली से त्रस्त होकर समाज का दोहन कर रही हैं। वैशाली और मुजफ्फरपुर आज पुरा क्षेत्र भय से भयभीत हैं। अब शायद किसी चमत्कार का ही इंतजार हैं।

24-Sep-2018 06:17

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