19-Sep-2019 06:38

अतिक्रमण मुक्त तो नहीं हुआ लेकिन किसी की जिंदगी चली गई

सही व्यवस्था स्थापित करने में यह सभी लोग पिछले 30 वर्षों से सत्तासीन होने के बावजूद कहीं भी इन्हें स्थापित नहीं कर पाए

आज मैं बात करने जा रहा हूं वह बहुत ही साधारण है, क्योंकि वैशाली के आम आदमी को कोई फर्क नहीं पड़ता कि कोई जिंदा है या कोई मर गया। सब अपने-अपने मरने के इंतजार में, चाहे हो भगवान उनकी मृत्यु के समय अनुसार उन्हें लेकर पृथ्वी से चले जाए या कोई उनकी हत्या कर दे, सड़क दुर्घटना में उनकी मौत हो जाए। इन सभी बातों के लिए हमारी जिला प्रशासन एवं सांसद विधायक या हमारी सदन जिम्मेवार नहीं है। फिर भी हम आज भी संविधान पर भरोसा रखते हैं, संसद पर भरोसा रखते हैं, हम अपने सांसदों पर भरोसा रखते हैं, हम अपने विधायकों पर भरोसा रखे हुए हैं, क्यों रखे हो, जब वह हमारी सुरक्षा और रक्षा के प्रति जिम्मेवार नहीं है ? तो हम उन्हें पालने के लिए दिन रात मेहनत क्यों कर रहे हैं ?

पिछले कुछ समय से वैशाली में अतिक्रमण मुक्त अभियान चलाया जा रहा है। जिला के प्रमुख जगहों पर अतिक्रमण से मुक्ति के लिए जोर शोर से अभियान चलाई जाती हैं। लेकिन अभियान का उद्देश्य क्या है ? यह कोई नहीं बता पा रहा ? चंद दिनों के लिए गरीब लोगों की झुग्गी-झोपड़ी व ठेले-रिक्शे को तोड़कर फेंक दिया जाता है। वह कहीं से फिर चंदा करता है वह कर्ज लेता है और फिर खड़ा होने का प्रयास करता है। और वही जगह पर फिर से वह आकर सप्ताह दो सप्ताह में खड़ा हो जाता है। फिर वह गाली सुनता है, प्रशासन की गाड़ियां आती हैं अवैध वसूली करती है। और जैसे ही मन भरता है, थोड़ा सा वैसे फिर अतिक्रमण मुक्त अभियान चलाने लगते। अक्सर देखा जाता हैं कि अतिक्रमण के नाम पर जो अभियान जिला प्रशासन चलाती है, उसका प्रतिफल पैसे वसूली से आगे नहीं बढ़ पाती है।

आज जिस तरफ में इशारा कर रहा हूं वह है वैशाली जिले का महनार अनुमंडल क्षेत्र। जहां पिछले कुछ दिनों से अतिक्रमण हटाने का काम चल रहा है। लेकिन अतिक्रमण हटाने के नाम पर जो कुटाघात गरीब लोगों पर की जाती है, उसका नतीजा सही नहीं होता। इसका परिणाम यह है कि आज एक आम आदमी, एक गरीब आदमी, जिसके लिए पूरी राजनीति देश भर में चलती है। देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी हो या बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार या हो गरीबों और दलितों के मसीहा कहे जाने वाले रामविलास पासवान या विपक्ष में बैठे हुए लालू प्रसाद यादव, तेजस्वी, उपेंद्र कुशवाहा जैसे लोग इसी में मशहूर है कि गरीबों का हक मारा जाता है। सही व्यवस्था स्थापित करने में यह सभी लोग पिछले 30 वर्षों से सत्तासीन होने के बावजूद कहीं भी इन्हें स्थापित नहीं कर पाए। फिर भी लगातार इन पर देश भरोसा कर रहा है, राज्य भरोसा कर रहा है। यह आपको लूट कर अंग्रेजों की भांति खोखला कर देंगे। आज एक ठेला पर फल बेचने वाले शिवचंद्र महतो नामक एक युवक की महनार के मदन चौक पर ही हार्ट अटैक हो गया। डॉक्टर ने जांचोपरांत मृत घोषित किया। अतिक्रमण हटाने के बाद से था तनाव में रहते हुए, आज अपनी जिंदगी इन राजनेताओं को लेकर कई सवाल खड़े कर चला गया एक आम गरीब शिवचंद्र महतो।

वैशाली जिला में प्रशासन की भूमिका क्या है यह बच्चा-बच्चा जान चुका है। बड़ा दुर्भाग्य है कि लोकतांत्रिक भूमि पर जिस तरीके से जिला प्रशासन आम आदमियों से अव्यावहारिक संबंध बनाकर रखा हुआ है। वह हमारे संविधान एवं लोकतंत्र के लिए शुभ संकेत नहीं है। राजनीतिक दलों की भूमिका यहां जहां नग्नय नजर आती है। वही तीन सांसद वाली जिला वैशाली, जिसमें चौथे सांसद बगल के जिले में सांसद हैं, इसके बावजूद कि यहां पर 8 विधायक हैं, फिर भी एक सही स्वरूप वैशाली को देने में यह सभी के सभी नाकामयाब है।

19-Sep-2019 06:38

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